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सीएम जयराम ने कहा- पेन डाउन स्ट्राइक समाप्त करें डाक्टर, मिल-बैठकर निकालेंगे रास्ता

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प्रजासत्ता|
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के डाक्टरों से कहा कि पेन डाउन स्ट्राइक तुरंत समाप्त करें। उनकी मांग सरकार तक पहुंच चुकी है। उसका मिल-बैठकर रास्ता निकाला जाएगा। वीरवार को सराज हलके के थुनाग में पत्रकारों से अनौचारिक बातचीत जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड में डाक्टरों ने बेहतरीन सेवाएं दी हैं। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। संकट के इस दौर में लोगों को डाक्टरों की सेवाओं की जरूरत है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मण्डी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए समाज की पीड़ाओं को कम करने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल बहुमूल्य जीवन ही नहीं बचाते हैं, बल्कि मरीजों का उपचार कर उनके दर्द और पीड़ा को भी कम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और विख्यात चिकित्सक डाॅ. बिधान चन्द्र राॅय की जयन्ती और पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। डाॅ. राॅय एक महान चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान जोखिम को डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने एक बार पुनः विश्वभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान और बलिदान का स्मरण करवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उप महाद्वीप में डाॅ. राॅय को प्रथम चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल के अनुसार वह अपने समकालीन चिकित्सकों से प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी थे। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस लोगों का जीवन बचाने में चिकित्सकों की भूमिका और दायित्व तथा उनके कार्यों व कर्तव्यों को स्मरण करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

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जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने सैकड़ों जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में विचार न करके उन्होंने देश की सेवा को सर्वोपरि माना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पबद्ध है और कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी आपदा से निपटने के लिए बिस्तर क्षमता को 1200 से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया है। पिछले एक साल के दौरान प्रदेश में आठ पीएसए संयत्र स्थापित किए गए और इस वर्ष 15 अगस्त तक लगभग 28 पीएसए संयत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन सिलेंडर हैं। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर और चंबा में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।

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जय राम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश को देश का खुशहाल और स्वस्थ राज्य बनाने के लिए प्रदेश के चिकित्सक इसी समर्पण और सेवा भाव से कार्य करते रहेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कोविड-19 महामारी की इस परीक्षा की घड़ी के दौरान प्रदेश का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिकित्सकों पर पूर्ण विश्वास है और यह किसी भी व्यवसाय के लिए सच्ची पूंजी और पुरस्कार है।

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक लगभग 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं।

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निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रोफेसर और श्वसन चिकित्सा प्रमुख डाॅ. मलय सरकार ने कोविड और इस महामारी के प्रसार के नियंत्रण संबंधी प्रस्तुति दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी देवेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चैधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।

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