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Toll Fee Relief: किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में बलोह और गरामोड़ा टोल प्लाजा पर एक माह तक नहीं लगेगा शुल्क.!

Toll Fee Relief: किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में बलोह और गरामोड़ा टोल प्लाजा पर एक माह तक नहीं लगेगा शुल्क.!

Toll Fee Relief To Vehicle Owners: किरतपुर- नेरचौक फोरलेन से गुजरने वालों को अगामी एक माह के लिए टोल शुल्क वसूली से राहत मिली है। जानकारी के मुताबिक किरतपुर से नेरचौक तक फोरलेन के अंतर्गत बलोह और गरामोड़ा टोल प्लाजा पर टोल शुल्क वसूली को आगामी एक माह तक निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में आज आदेश जारी किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि जिला बिलासपुर में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण किरतपुर से नेरचौक तक फोरलेन के अनेक हिस्सों को गंभीर क्षति पहुंची है। मार्ग पर बड़े-बड़े पत्थर गिरने और बार-बार भूस्खलन होने से यातायात बाधित हो रहा है। ऐसे में जब फोरलेन की सुविधा ही नहीं मिल रही है तब टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग जोरों से उठ रही थी।

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बीते दिन हिमाचल सरकार में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा आंशिक या पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो, तो यात्रियों से टोल शुल्क लेना उचित नहीं है। इस आधार पर, जनहित में बलोह और गरामोड़ा टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली को रोकने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने मंत्री धर्माणी को भरोसा दिलाया कि इस मामले पर गंभीरता से विचार होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) व अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उचित कदम उठाए जाएंगे।

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इसके बाद, देर शाम उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष राहुल कुमार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत आदेश जारी कर बलोह और गरामोड़ा टोल प्लाजा पर टोल शुल्क वसूली को तत्काल प्रभाव से एक माह के लिए स्थगित कर दिया।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण किरतपुर-नेरचौक राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों को गंभीर नुकसान हुआ है। सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर गिरने और बार-बार भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।

कई बार यात्रियों को घंटों तक सड़क पर अटके रहना पड़ता है, जिसके चलते उन्हें भोजन, पीने का पानी और विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, यात्रियों की सुविधा और राहत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

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