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Parliament Winter Session: इस बार संसद के शीतकालीन सत्र में खुलेंगे निजी क्षेत्र के बड़े दरवाजे, ये 10 अहम विधेयक तैयार..!

Published on: 23 November 2025
Parliament Winter Session: इस बार संसद के शीतकालीन सत्र में खुलेंगे निजी क्षेत्र के बड़े दरवाजे, ये 10 अहम विधेयक तैयार..!

Parliament Winter Session: केंद्र कि मोदी सरकार ने एक दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के लिए तैयारी पूरी कर ली है। इस बार सरकार ने 10 ऐसे विधेयक लाने के लिए सूचीबद्ध किया है जिससे देश में कई क्षेत्रों में नीजि सेक्टर के लिए द्वार खुल जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से लंबित सुधार नीति को बल मिलेगा। उद्योग और बुनियादी सुविधाओं के विकास की राह में रोड़ बन रहे कानून खत्म हो जाएंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा, बीमा और सुरक्षा बाजारों में महत्वपूर्ण सुधार शुरू करने की योजना बना रही है। नया कानून निजी क्षेत्र के लिए परमाणु ऊर्जा उत्पादन का रास्ता खोलेगा, सुरक्षा कानूनों को आसान बनाएगा और शिक्षा नीति को सख्त करेगा। इसके अलावा राजमार्ग भूमि अधिग्रहण को आसान बनाने और पुराने कानूनों को निरस्त करने के लिए विधेयक पेश किए जाने की भी संभावना है।

इसके अलावा भारतीय बाजार में निजी क्षेत्रों की राह आसान बनाने के लिए सरकार एक दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में नया बिल ला सकती है। इसमें परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा, बीमा, सुरक्षा बाजारों में नई पीढ़ी के सुधार शुरू करने और राजमार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण को आसान बनाने के लिए मसौदा कानून पेश किए जाने की संभावना है।

परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025, शायद इसलिए सबसे महत्वपूर्ण विधेयक है, क्योंकि इसका  उद्देश्य भारत के बहुत ज्यादा प्रतिबंधित परमाणु ऊर्जा उत्पादन को निजी क्षेत्र के लिए खोलना है। इसके अलावा सरकार कई और विधेयक ला सकती है, जिसमें मार्केट्स कोड बिल काफी महत्वपूर्ण है। इसके जरिए सरकार महत्वहीन हो चुके पुराने कानूनों में बदलाव कर उसे आसान बनाया जाएगा।

साथ हि देश में लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की मांग की जा रही है, जिसे देखते हुए सरकार आगामी शीतकालीन सत्र में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक ला सकती है। इस विधेयक के जरिए शिक्षा का सेंट्रलाइजेशन करने की कोशिश होगी, जिससे पूरे देश में एक शिक्षा नीति लागू करने की राह आसान हो सके। इसके अलावा बीमा कानून संशोधन विधेयक के जरिए क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश होगी।

संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के लिए कुल मिलाकर सुधारों और नए क्षेत्रों को खोलने के व्यापक विषय के साथ 10 विधेयक सूचीबद्ध हैं। इनमें से जन विश्वास संशोधन विधेयक, दिवाला और दिवालियापन संहिता संशोधन विधेयक पहले ही पेश किए जा चुके हैं। इनका संसद की तरफ से बनाई गई समिति अध्ययन कर रही है।

केंद्र सरकार इस बार राजनीतिक रूप से संवेदनशील 131वां संविधान संशोधन विधेयक भी ला रही है। जिसके तहत केंद्र शासित प्रदेश को संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत लाने का रास्ता खुल जाएगा। चंडीगढ़ वर्तमान समय में पंजाब के राज्यपाल के अधीन प्रशासित है, इस संधोशन के बाद चंडीगढ़ का अलग प्रशासक नियुक्त किया जा सकेगा। नए कानून के साथ इसका प्रशासन एक स्वतंत्र प्रशासक द्वारा किए जाने की संभावना है जैसा देश के कई केंद्र शासित प्रदेशों में पहले से लागू है।

उल्लेखनीय है कि इस साल एक दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में करीब 120 अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने के लिए संशोधन बिल लाया जाएगा। इस विधेयक का मकसद पुराने और अप्रासंगिक हो चुके कानून को खत्म करना है। राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए तेज और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन विधेयक लाया जाएगा। इसके अलावा मध्यस्थता अधिनियम 1926 में बदलाव करने के लिए मध्यस्थता और सुलह विधेयक को भी सदन में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

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