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Shimla MC Budget 2026: युवाओं के लिए फूड वैन और शहर का कायाकल्प, जानें शिमला नगर निगम बजट की बड़ी घोषणाएं

Shimla MC budget Highlights: नगर निगम शिमला ने साल 2026-27 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। युवाओं को रोजगार देने के लिए 'फूड वैन' योजना समेत शहर की सुविधाओं और टैक्स को लेकर क्या बड़े फैसले हुए, विस्तार से पढ़ें।
Shimla MC Budget 2026: युवाओं के लिए फूड वैन और शहर का कायाकल्प, जानें शिमला नगर निगम बजट की बड़ी घोषणाएं

Shimla MC Budget 2026: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पहली बार नगर निगम का वार्षिक बजट बिना विपक्ष की मौजूदगी के पेश किया गया। महापौर सुरेंद्र चौहान शुक्रवार को अपना तीसरा बजट पेश करने के लिए बचत भवन पहुंचे। सुरेंद्र चौहान ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 688 करोड़ रुपये का सरप्लस बजट पेश किया, जो पिछले साल के 188 करोड़ से काफी ज्यादा है। लेकिन बजट पेश होने से पहले ही भाजपा पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया।

बता दें कि शिमला नगर निगम सदन में शुक्रवार को बड़ा हंगामा मचा। जैसे ही महापौर सुरेंद्र चौहान ने सुबह 11:46 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू किया, भाजपा पार्षदों ने सदन में जोरदार विरोध किया, नारे लगाए और वॉकआउट कर दिया। इससे हाउस के अंदर कुछ समय के लिए गहमागहमी हो गई। महापौर ने शोर के बीच बजट भाषण पूरा किया।

जैसे ही महापौर ने बचत भवन में बजट भाषण शुरू किया, भाजपा पार्षदों ने हल्ला बोल दिया। उन्होंने महापौर से सरकार की अधिसूचना दिखाने की मांग की, जिसमें मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला हुआ था। पार्षद सरोज ठाकुर, बिट्टू कुमार समेत कई भाजपा सदस्यों ने कहा कि महापौर सुरेंद्र चौहान का ढाई साल का कार्यकाल खत्म हो चुका है और आर्डिनेंस की समयसीमा भी पूरी हो गई है। इसलिए बजट असंवैधानिक तरीके से पेश किया जा रहा है।

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विरोध तेज होने पर एक-एक करके भाजपा पार्षद महापौर की सीट के पास पहुंच गए। सरोज ठाकुर, आशा शर्मा, कमलेश मेहता, कल्याण धीमान, कुसुम ठाकुर, रचना झिन्ना, नीशा ठाकुर और मीना चौहान ने जमकर नारेबाजी की। महापौर ने समझाने की कोशिश की, लेकिन पार्षद नहीं माने। 11:51 बजे तक शोर बढ़ता गया, फिर भी महापौर ने बजट भाषण जारी रखा।

इसके बाद सभी भाजपा पार्षद सदन से वॉकआउट कर उपायुक्त अनुपम कश्यप के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपा और इसे सरकार तक पहुंचाने की मांग की। बताया जाता है कि भाजपा पार्षदों ने पहले से ही योजना बना ली थी कि बजट के दौरान विरोध करेंगे और वॉकआउट करेंगे। इस कारण दिन भर यह मामला गरम रहा।

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महापौर सुरेंद्र चौहान ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में कई अहम घोषणाएं की। महापौर ने कहा कि शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध होंगे। रिज और मॉल रोड पर बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं के लिए फीडिंग रूम बनाए जाएंगे। शिमला में 26 जगहों पर फूड वैन शुरू की जाएंगी, जिससे बेरोजगार महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा। कोर एरिया में ई-कार्ट चलाए जाएंगे और हर वार्ड में नई पार्किंग बनाई जाएगी।

कर्मचारियों के लिए नई बीमा योजना
बजट में महापौर ने शिमला शहर में छह नए साइक्लिंग ट्रैक बनाने की घोषणा की है। इसके अलावा नगर निगम पहली बार अपने कर्मचारियों के लिए बीमा योजना शुरू करेगा। इस योजना का पूरा खर्च निगम उठाएगा और कर्मचारियों से कोई राशि नहीं ली जाएगी। शहर की जिन बावड़ियों का पेयजल खराब है, उस पानी का उपयोग शौचालयों में किया जाएगा।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। नगर निगम कर्मचारियों के लिए बालूगंज में 34 करोड़ रुपये की लागत से 72 आवास तैयार किए जाएंगे। आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से शहर में रिहायशी फ्लैट बनाकर बेचे जाएंगे। तारादेवी के पास विश्व स्तरीय वेलनेस सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की गई है।

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सचिवालय से चौड़ा मैदान तक भूमिगत डक्ट डाले जा रहे हैं और फाइबर व पाइप बिछाने के बदले कंपनियों से शुल्क लिया जाएगा। भरयाल में दो मेगावॉट का सोलर प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। सभी वार्डों में एक हजार सोलर लाइटें लगेंगी और साइकिल स्टैंड भी बनाए जाएंगे।

महापौर सुरेंद्र चौहान ने बजट को ऐतिहासिक बताया
शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि यह बजट ऐतिहासिक है और इससे नगर निगम भविष्य में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि बजट में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। महापौर ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। मामला अदालत में है और भाजपा के पार्षद ही कोर्ट गए हैं। अभी फैसला नहीं आया है, फिर भी सदन में हंगामा कर वे बाहर चले गए। उनके अनुसार, इससे शहर के लोगों के प्रति उनकी गंभीरता पर सवाल उठता है।

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