Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Himachal Pradesh में बड़ा बदलाव-अब शोरूम पर ही होगा नए वाहनों का पक्का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग टेस्ट के लिए बनेंगे ऑटोमैटिक ट्रैक

Himachal Transport Reforms: डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धियों का एलान किया। अब हिमाचल में नए वाहनों का पक्का रजिस्ट्रेशन सीधे डीलर स्तर पर होगा और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑटोमैटिक टेस्ट ट्रैक बनाए जाएंगे।
Published on: 25 February 2026
Himachal Pradesh में बड़ा बदलाव-अब शोरूम पर ही होगा नए वाहनों का पक्का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग टेस्ट के लिए बनेंगे ऑटोमैटिक ट्रैक

Himachal Pradesh News Today: हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने परिवहन विभाग के पिछले तीन साल के कामकाज की जानकारी दी और आने वाले समय की कई नई योजनाओं के बारे में भी बताया। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धियों का एलान करते हुए कहा कि डिजिटल बदलाव से आम जनता का काम आसान करेंगे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब हिमाचल का परिवहन विभाग पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। परमिट से जुड़ी सेवाएं बिना किसी व्यक्ति के दखल के चल रही हैं। कई कामों में ऑटोमैटिक मंजूरी की व्यवस्था लागू हो गई है। इससे लोगों को पारदर्शी, तेज और भरोसेमंद सेवाएं मिल रही हैं।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 से 23 फरवरी 2026 तक विभाग ने अलग-अलग स्रोतों से 2744.02 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया। पिछली सरकार के तीन साल में यह रकम 1564.76 करोड़ रुपये थी। यानी इस बार करीब 1180 करोड़ रुपये यानी लगभग 75 प्रतिशत ज्यादा कमाई हुई है। साथ ही, फैंसी नंबरों की ई-नीलामी से 1 जनवरी 2023 से अब तक 80.82 करोड़ रुपये सरकार को मिले हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विभाग का मुख्य लक्ष्य वाहन मालिकों की सुविधा को सबसे ऊपर रखना है। इसी सोच के तहत अब नए वाहनों का स्थायी पंजीकरण डीलर के यहां ही करने की योजना बन रही है। इसके लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। अधिकृत डीलर ही नए वाहन खरीदने वाले का पंजीकरण कर सकेंगे।

इससे लोगों को अलग से आरटीओ या आरएलए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वाहन डिलीवरी के साथ ही स्थायी नंबर मिल जाएगा और अस्थायी पंजीकरण की पुरानी प्रथा खत्म हो जाएगी। इससे समय बचेगा, कार्यालयों में भीड़ कम होगी और पूरी प्रक्रिया आसान, पारदर्शी व तकनीक पर आधारित बनेगी। विभाग इस योजना को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने ड्राइविंग टेस्ट की नई व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। परिवहन विभाग डिजिटल तरीके से तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक लगाए जा रहे हैं। इससे लाइसेंस लेने की प्रक्रिया सरल और निष्पक्ष हो जाएगी।

अभी कई जगहों पर टेस्ट सिर्फ कुछ दिनों में होते हैं और कर्मचारियों की उपलब्धता पर निर्भर रहते हैं। इससे लोगों को इंतजार करना पड़ता है। नई व्यवस्था में सेंसर और कैमरों वाले ट्रैक बनाए जा रहे हैं। इन पर ब्रेकिंग, लेन में चलना, रिवर्स ड्राइविंग, पार्किंग जैसे कौशल रीयल टाइम में जांचे जाएंगे। परिणाम खुद सिस्टम तैयार करेगा। इससे पक्षपात या गलत काम की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी और सिर्फ योग्य लोगों को ही लाइसेंस मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि हरोली में यह स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक अगले दो महीने में शुरू हो जाएगा। इस साल पांवटा साहिब, नालागढ़, घुमारवीं, कांगड़ा और हमीरपुर में भी ऐसे ट्रैक लगाए जाएंगे। इससे पूरे राज्य में लाइसेंस की व्यवस्था आधुनिक बनेगी और सड़क सुरक्षा मजबूत होगी।

ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने की तैयारी है। अभी आवेदक खुद मेडिकल प्रमाणपत्र अपलोड करते हैं, जो सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है। अब प्रस्ताव है कि प्रमाणित डॉक्टर ही सीधे सारथी पोर्टल पर यह सर्टिफिकेट अपलोड करेंगे।

सिर्फ पंजीकृत डॉक्टर ही ऐसा कर सकेंगे। इससे फर्जी सर्टिफिकेट बंद होंगे, प्रक्रिया पारदर्शी और ट्रेस करने लायक बनेगी। लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, मानवीय दखल कम होगा और नवीनीकरण तेज व भरोसेमंद होगा। इससे सड़क पर सिर्फ स्वस्थ और सक्षम चालक ही चल सकेंगे, जो सुरक्षा के लिए बहुत अच्छा कदम है।

Aaj Ki KhabrenHimachal Latest NewsHimachal NewsHimachal News in HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh samacharHimachal updateHP News TodayShimla latest updateShimla Local NewsShimla NewsShimla News TodayShimla tourism newsShimla Weather Update

Join WhatsApp

Join Now