Himachal News Today: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट पर चर्चा में प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और विपक्षी नेताओं के बीच कई मुद्दों पर आमने-सामने की जंग हुई, जिसका मुख्य केंद्र रोबोटिक सर्जरी मशीनों की खरीद और प्रदेश का विकास रहा। दरअसल विधानसभा में भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने IGMC में रोबोटिक सर्जरी मशीन की खरीद पर सवाल उठाए, कि ये मशीनें तय कीमत से कहीं ज्यादा महंगी खरीदी गई हैं।
इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एक मशीन की असली कीमत 28 करोड़ रुपये है, जबकि भाजपा नेता इसे 16 करोड़ का बताकर गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सदन में खुली चुनौती दी कि अगर जयराम ठाकुर वही मशीन 16 करोड़ रुपये में दिलवा सकते हैं, तो सरकार तुरंत सोलन और कुल्लू के लिए दो और मशीनों का ऑर्डर दे देगी। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि सदन में कोई भी दावा करने से पहले तथ्यों की ठीक से जांच कर लेनी चाहिए।
उन्होंने तो विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया से यह तक भी कह दिया कि अगर भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर 25 तारीख तक सदन में इस बारे में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत करे नही तो उनकी विधायकी समाप्त करे । इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी झूठ बोलने पर ऐसी हि कार्रवाई हो।
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के सवाल पर सदन में उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने हिमाचल के शक्तिपीठों को लेकर सरकार का विजन भी साझा किया। उन्होंने बताया कि श्री नैना देवी मंदिर के लिए एक भव्य मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही चिंतपूर्णी और ज्वालाजी मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए बजट में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार की योजना है कि एक साल के भीतर सभी प्रमुख मंदिरों का नक्शा बदला जाए, जिसमें बुजुर्गों के लिए लिफ्ट की सुविधा और स्थानीय दुकानदारों के लिए बैठने की बेहतर व्यवस्था शामिल होगी, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
विधायक सुरेंद्र शौरी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस बार गर्मियों के सीजन में पर्यटकों को ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। जिन पर्यटन स्थलों पर ज्यादा भीड़ रहती है, वहां पुलिस की विशेष तैनाती की जाएगी ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। सरकार का प्रयास है कि हिमाचल आने वाले सैलानियों को एक बेहतर और सुविधाजनक अनुभव मिले।
इसके अलावा,केवल सिंह पठानिया के सवाल पर मुख्यमंत्री ने आगामी कैबिनेट बैठक में ‘स्क्रैप पॉलिसी’ लाने की घोषणा की। इसके तहत सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और थानों में पड़े पुराने कबाड़ और बेकार गाड़ियों का समय पर निपटारा किया जाएगा।
कांग्रेस सरकार ने विज्ञापनों पर खर्च किया पूर्व की भाजपा सरकार से आधा पैसा
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विज्ञापनों पर होने वाले खर्च का ब्यौरा भी पेश किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने भाजपा के मुकाबले विज्ञापनों पर आधा पैसा खर्च किया है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछली भाजपा सरकार ने तीन साल में 28 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने अब तक केवल 14 करोड़ रुपये ही खर्च किए हैं।
सीएम सुक्खू के मुताबिक पूर्व की भाजपा सरकार ने प्रिंट मीडिया में विज्ञापन पर 16 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की थी, वहीं हमने 8 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की है. इसी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल मीडिया में विज्ञापन पर पूर्व की भाजपा सरकार ने 3.50 करोड़ से अधिक खर्च किए, वहीं वर्तमान सरकार ने 2.61 करोड़ खर्च किए हैं.”




















