Himachal Entry Tax Controversy: हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में बड़ा एलान करते हुए कहा कि सरकार पहले जैसी व्यवस्था बहाल करेगी। उन्होंने साफ किया कि टोल टैक्स और एंट्री फीस को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और अब फास्टैग से जोड़ी गई व्यवस्था को बदलकर अलग-अलग शुल्क वसूले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 सीटर कारों और 6 से 12 सीटर वाहनों के लिए पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। इसके तहत 5 सीटर कार पर 70 रुपये और 6 से 12 सीटर वाहनों पर 110 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस फैसले से आम लोगों को राहत मिलेगी। भारी वाहनों की बात करें तो 6 टायर ट्रक के लिए 320 रुपये और 10 से 14 टायर डबल एक्सल वाहनों के लिए 570 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दरों पर दोबारा समीक्षा के बाद निर्णय लिया गया है। सीएम सुक्खू ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात करेंगे। साथ ही उनकी पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िग और नेता प्रताप सिंह बाजवा से भी चर्चा हो चुकी है।
बता दें कि एंट्री टैक्स को लेकर बीते दिनों पंजाब और हरियाणा के लोगों ने सीमा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया। भरतगढ़ और बरोटीवाला में करीब ढाई-ढाई घंटे तक जाम लगने से आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, मंगलवार को विधानसभा सत्र से पहले विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
विधानसभा परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और फैसले को जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस फैसले से न केवल हिमाचल बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी नाराजगी है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि एंट्री टैक्स बढ़ाने से खासकर सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि छोटे वाहनों पर शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये किए जाने से लोगों में गुस्सा बढ़ा, जिसके चलते यह विवाद गहराया।

















