Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

जाति आधारित जनगणना की मांग को पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

Published on: 10 August 2021
पूर्व CM शांता कुमार Himachal News Himachal Politics: HP NEWS

पालमपुर|
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि आज़ादी के 75 वर्ष में प्रवेश करते हुए जाति आधारित जनगणना की मांग की जा रही है। नीतीश कुमार जैसे नेता भी इस मांग के लिए खड़े हो गये है। मुझे लगता है देश के गरीबों को हमेशा के लिए गरीब रखने का यह एक षड्यंत्र है।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल हंगर इन्डैक्स की रिपोर्ट के अनुसार 19 करोड़ लोग रात को भूखे पेट सोते है। एक अनुमान के अनुसार इनमें 12 करोड़ लोग आरक्षित जातियों के है। एक प्रशन पैदा होता है कि लम्बे समय से आरक्षण के बाद भी यह 12 करोड़ लोग भुखमरी की हालत में क्यों जी रहे है।

शांता कुमार ने कहा गरीबों की सहायता के लिए प्रदेश व देश की बहुत योजनाएं चलाई है। दिल्ली से सीधे पैसा पंचायतों में पहुंच रहा है। यह दुर्भाग्य है कि असली गरीबों की बहुत कम सहायता होती है। पिछले दिनों सोशल मीडिया में बीपीएल में शामिल लोगों की बड़ी-बड़ी कोठियां दिखाई गई थी। ठीक यही हालत आरक्षण में हुई है। आरक्षित जातियों में ऊपर के प्रभावशाली नेता अधिकारी लाभ उठा रहे है। नीचे के गरीब को लाभ नही मिल रहा। इसीलिए आरक्षण के बाद भी 12 करोड़ गरीब लोग भुखमरी के कगारपर खड़े है।

उन्होंने कहा कुछ दिन के बाद भारत स्वतन्त्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश करेगा। देश के प्रधानमंत्री लालकिले से तिरंगा लहरायेंगे और करोड़ो लोग अपने-अपने घरों पर तिरंगा लहरायेंगे। लेकिन यह याद रखें आजादी के इतनेलम्बे समय के बादभी 19 करोड़ लोग भुखमरी के कगार पर खड़े है। योजनाओं से विकास हुआ है परन्तु सामाजिक न्याय नही हुआ। अमीर, अमीर हुआ-गरीब, गरीब हुआ। शांता कुमार ने कहा आज़ादी के 75वें वर्ष में देश को कोई ऐसा क्रान्तिकारी निर्णय करना चाहिए कि भारत के माथे से गरीबी का यह कलंक दूर हो।

Aaj Ki KhabrenHimachal Latest NewsHimachal News in HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh samacharHimachal updateHP government newsHP News Today

Join WhatsApp

Join Now