Amritsar Grenade Attack News: पंजाब के अमृतसर में भिंडी सैदा पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार को पंजाब पुलिस ने इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। यह घटना 29 और 30 मार्च की दरमियानी रात को भिंडी सैदा थाना परिसर में हुई थी। हालांकि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का हाथ होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच के अनुसार, सभी आरोपी सीमा पार बैठे एक पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में थे, जो पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश कर रहा था। यह हमला 29 और 30 मार्च की दरमियानी रात को हुआ था, जब आरोपियों ने थाना परिसर को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका था।

हालांकि, इस हमले में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई थी। अमृतसर ग्रामीण पुलिस और फरीदकोट पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस गुत्थी को सुलझाया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलजीत सिंह, प्रभ सिंह, राजबीर सिंह, सुखप्रीत सिंह, अजयदीप सिंह उर्फ गजनी और साहिब सिंह उर्फ सबा के रूप में की है। ये सभी आरोपी अमृतसर जिले के ही अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। इनके पास से पुलिस ने दो पिस्तौल भी जब्त की हैं। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बलजीत और प्रभ सिंह ने भारत-पाक सीमा के पास घरिंडा क्षेत्र से दो हैंड ग्रेनेड प्राप्त किए थे।
हमले को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने बाकायदा इलाके की रेकी की थी ताकि भागने का रास्ता सुरक्षित रहे। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सुहैल कासिम मीर के अनुसार, घटना की रात बलजीत, प्रभ और राजबीर मोटरसाइकिल से थाने के पास पहुंचे थे। उन्होंने अपना वाहन खेतों में छिपा दिया और पैदल ही थाने के पिछले हिस्से तक पहुंचे। वहां बलजीत और प्रभ ने ग्रेनेड फेंका, जबकि राजबीर इस पूरी वारदात का वीडियो बना रहा था।
हमले के बाद तीनों आरोपी पकड़े जाने के डर से करीब चार घंटे तक गेहूं के खेतों में छिपे रहे। फरीदकोट की एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने बताया कि सबसे पहले दो आरोपियों को गोपनीय सूचना के आधार पर फरीदकोट से पकड़ा गया, जिनकी निशानदेही पर बाकी चार गिरफ्तारियां हुईं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, यूएपीए (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और इसके विदेशी संपर्कों की पहचान करने के लिए जांच अभी जारी है।




















