IAF Female Pilot Sanya News: भारतीय वायु सेना की महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसके बाद उनका नाम IAF की रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। सान्या इंडियन एयरफोर्स की पहली ऐसी महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने क्लास-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) की अत्यंत प्रतिष्ठित उपलब्धि अपने नाम की है। आपको बता दें कि ‘कैटेगरी-ए क्यूएफआई’ सेना के पायलटों को मिलने वाली ट्रेनिंग में सबसे सर्वोच्च रेटिंग मानी जाती है।
भारतीय वायु सेना ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर इस ऐतिहासिक सफलता की घोषणा की। सान्या की इस शानदार कामयाबी पर IAF ने ट्वीट कर कहा कि यह भारतीय वायु सेना के लिए एक बेहद गौरव का क्षण है। वायु सेना ने स्पष्ट किया कि सान्या की यह बड़ी कामयाबी उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण का नतीजा है। वायु सेना ने इसे पूरे देश के लिए गर्व की बात बताया और कहा कि इससे देश के उन सभी युवाओं को प्रेरणा मिलेगी जो भविष्य में पायलट बनने का सपना देखते हैं।
स्क्वाड्रन लीडर सान्या भारतीय वायु सेना की एक बेहद खास, समर्पित और कुशल पायलट हैं। इस सर्वोच्च रेटिंग को हासिल करने के बाद वह अब वायु सेना के पायलटों को ट्रेनिंग देने वाली देश की सबसे बेहतरीन और योग्य ट्रेनर बन गई हैं। वह अब दूसरे सैन्य पायलटों को विमान उड़ाने की बारीकियां सिखाएंगी। जून 2015 में वायु सेना में कमीशन प्राप्त करने वाली स्क्वाड्रन लीडर सान्या फ्लाइंग ब्रांच में पायलटों के लिए आयोजित 42वें शॉर्ट सर्विस कमीशन कोर्स (वुमेन) की सक्रिय सदस्य रही हैं।
Excellence takes flight.
संबंधित खबरेंSqn Ldr Saanya achieved a historic first by becoming the first woman officer to earn the coveted Cat-A Qualified Flying Instructor (QFI) qualification. Her achievement embodies dedication and relentless pursuit of excellence.
A proud milestone for the… pic.twitter.com/K6hWya0iUi— Indian Air Force (@IAF_MCC) May 18, 2026
इस विशिष्ट कोर्स में कुल छह महिला अधिकारी शामिल थीं। इसके बाद सान्या के बेहतरीन करियर ग्राफ को देखते हुए उन्हें जून 2021 में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर प्रमोट किया गया था। सान्या को जो ‘कैटेगरी-ए क्यूएफआई’ रेटिंग दी गई है, वह वायु सेना में विमान सिखाने वाले इंस्ट्रक्टर्स को मिलने वाला सबसे बड़ा और शीर्ष रैंक है। इस खास रेटिंग के मिलने के बाद वह न सिर्फ नए पायलटों को कड़ा प्रशिक्षण दे सकती हैं, बल्कि वायु सेना के दूसरे विमान इंस्ट्रक्टर्स की काबिलियत और हुनर को भी परखने का अधिकार रखती हैं।
इस उच्च स्तरीय स्तर का फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनने के लिए बेहद कठिन दौर से गुजरना पड़ता है। इसके लिए चेन्नई के तांबरम वायु सेना स्टेशन में स्थित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल (FIS) से 22 हफ्तों का एक बेहद जटिल कोर्स करना पड़ता है। इस विशेष कोर्स के दौरान पायलटों को 200 घंटे से ज्यादा की गहन पढ़ाई करनी होती है और कई घंटों की थका देने वाली व्यावहारिक फ्लाइंग ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। कोर्स के सफल समापन के बाद इन इंस्ट्रक्टर्स की काबिलियत और प्रदर्शन के हिसाब से कुल 4 ग्रेड तय किए जाते हैं, जिनके आधार पर उन्हें रेटिंग मिलती है।
इन चार श्रेणियों में ‘Cat-A QFI’ सबसे ऊंचे स्तर के टॉप शिक्षक या ट्रेनर होते हैं, जो नए पायलटों को सिखाते हैं, पुराने अनुभवी पायलटों का मार्गदर्शन करते हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरे इंस्ट्रक्टर का टेस्ट भी लेते हैं। इसके बाद ‘A कैटेगरी’ आती है, जिसमें बेहद अनुभवी और काबिल इंस्ट्रक्टर होते हैं जो टॉप श्रेणी से ठीक नीचे आते हैं। तीसरे स्थान पर ‘B कैटेगरी’ के इंस्ट्रक्टर होते हैं, जो सामान्य या स्टैंडर्ड ट्रेनिंग देने के पूरी तरह योग्य होते हैं। अंत में ‘C कैटेगरी’ होती है, जिसमें नए या अभी सीख रहे इंस्ट्रक्टर शामिल किए जाते हैं जो वरिष्ठों की निगरानी में काम करते हैं।
भारतीय वायु सेना के इतिहास पर नजर डालें तो महिलाओं के लिए सैन्य दरवाजे 1994 में पहली बार खोले गए थे। उस समय महिलाओं को केवल हेलीकॉप्टर और सामान ले जाने वाले मालवाहक विमान उड़ाने की ही अनुमति दी गई थी। इसके काफी समय बाद साल 2016 में पहली बार देश की महिला पायलटों को युद्ध की स्थिति में लड़ाकू विमान (फाइटर जेट) उड़ाने की आधिकारिक इजाजत मिली थी।
शुरुआती दौर में महिला पायलट केवल चीता, चेतक हेलीकॉप्टर और एएन-32 जैसे छोटे या परिवहन विमान ही उड़ाती थीं। लेकिन धीरे-धीरे समय बदला और महिलाओं की काबिलियत को देखते हुए उन्हें बड़े और भारी विमान जैसे एमआई-17 (Mi-17) हेलीकॉप्टर और आईएल-76 (IL-76) मालवाहक जहाज उड़ाने की अनुमति मिली। आज के आधुनिक दौर में भारतीय वायु सेना की जांबाज महिला पायलट राफेल और सुखोई-30 जैसे देश के सबसे अत्याधुनिक और घातक लड़ाकू विमानों को भी आसमान में सफलतापूर्वक उड़ा रही हैं।

















