Premanand Maharaj Health News: मथुरा-वृंदावन के सुप्रसिद्ध और देश-विदेश में लोकप्रिय संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। महाराज की प्रतिदिन सुबह होने वाली पदयात्रा और आम दर्शन कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। श्रीराधा केलिकुंज आश्रम प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर इस निर्णय की जानकारी साझा की है। इस घोषणा के बाद से ही महाराज के अनुयायियों और दर्शनार्थियों के बीच चिंता की स्थिति बनी हुई है।
बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज राधे-राधे नाम की महिमा के प्रसार के लिए पूरे विश्व में जाने जाते हैं। अपनी नियमित दिनचर्या के तहत वे प्रतिदिन सुबह अपने निवास स्थान से पैदल चलकर श्री हित राधा केलिकुंज आश्रम तक जाते हैं। इस दैनिक पदयात्रा के दौरान उनके दर्शन पाने के लिए परिक्रमा मार्ग पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। अब इस पदयात्रा को आगामी आदेश तक पूरी तरह से रोक दिया गया है।
आश्रम प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी भी अगली आधिकारिक सूचना के आने तक प्रेमानंद महाराज पदयात्रा के माध्यम से भक्तों को दर्शन नहीं दे सकेंगे। पदयात्रा के साथ-साथ उनके विशेष कार्यक्रम ‘एकांतिक वार्तालाप’ पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रबंधन ने बताया कि संत प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य खराब होने के कारण यह कड़ा और आवश्यक फैसला लेना पड़ा है।
श्रीराधा केलिकुंज प्रबंधन और महाराज के शिष्यों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, खराब स्वास्थ्य के चलते ही एकांतिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन दोनों को ही बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इन्हें अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित किया गया है। महाराज के दर्शन और उनसे संवाद करने की आस में भक्त बहुत दूर-दूर से वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में इस दैनिक यात्रा और वार्तालाप के अचानक बंद होने से भक्तों में काफी मायूसी देखी जा रही है।
सामान्य दिनों में श्रद्धालु महाराज के दर्शन के लिए प्रतिदिन सुबह श्री कृष्ण शरणम से लेकर श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम के बीच स्थित पूरे परिक्रमा मार्ग पर एकत्रित होते हैं। गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज पिछले एक लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनकी चिकित्सा प्रक्रिया के तहत लंबे समय से नियमित रूप से डायलिसिस की जा रही है, जिसके कारण उनकी सेहत में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहता है।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य कारणों से ही इससे पहले भी कई बार महाराज की पदयात्रा के समय में प्रशासनिक और व्यावहारिक बदलाव किए गए थे। अतीत में भी कई बार ऐसी परिस्थितियां बनी हैं जब उनकी इस पदयात्रा को अस्थाई रूप से रोकना पड़ा था। इस बार सेहत में आए बदलाव को देखते हुए प्रबंधन ने दोनों प्रमुख कार्यक्रमों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित रखने का फैसला लिया है और भक्तों से सहयोग की अपेक्षा की है।

















