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महिला वकील से बदसलूकी मामला : DGP संजय कुंडू के बचाव में उतरे CM जयराम ठाकुर

jai ram thakur

शिमला|
महिला वकील ने सूबे के पुलिस प्रमुख डीजीपी संजय कुंडू पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं| जहाँ इस प्रकरण में डीजीपी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही थीं, वहीँ अब सूबे के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर डीजीपी के बचाव में आए हैं| बता दें कि महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाए हैं कि डीजीपी उनके साथ दुर्व्यवहार किया और झूठे केस में फंसाया| महिला वकील ने बार काउंसिल को इस संबंध में शिकायत पत्र दिया था| इस पर मंगलवार को हाईकोर्ट बार एसोशिएशन की मीटिंग हुई है|

अधिवक्ताओं ने बैठक में अधिवक्ता ज्योतिका शर्मा की ओर से पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के खिलाफ दुर्व्यवहार व झूठे मामले में फंसाने बाबत दिए गए शिकायत पत्र पर चर्चा की। बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय व मुख्य न्यायाधीश हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव के माध्यम से गृह मंत्री, सचिव कार्मिक भारत सरकार से पुलिस महानिदेशक कुंडू के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और राज्यपाल से भी पुलिस महानिदेशक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

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बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पारित कर पुलिस की ओर से गत 23 अगस्त को शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे के मध्य आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की गई वीडियो को भी हटाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता ज्योतिका शर्मा ने शिकायत पत्र में बताया था कि पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया व 107, 151 सीआरपीसी के एक झूठे मामले में फंसाया है। 

उधर, डीजीपी संजय कुंडू पर महिला वकील ज्योतिका के बदसलूकी और गलत तरीके से कार्रवाई करने के आरोप में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि बार एसोसिएशन जिस प्रकार से इस मामले को उठा रही है, उस तरह से इसे देखने की जरूरत नहीं है। सीएम जयराम ठाकुर बोले कि साधु समाज के साथ दुर्व्यवहार करना और उनके कार्यक्षेत्र में बार-बार दखल देने व कुत्ते भेजने के प्रयास हुए। उन्होंने कहा कि अगर कोई वकालत करता है तो उसका सम्मान है। बाकी आदमी की छोड़िए, डीजीपी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, वह निंदनीय है और कार्रवाई का जो भी रास्ता बनता है, वह होनी चाहिए। सीएम जयराम ठाकुर ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके पास रामकृष्ण मिशन की ओर से बार-बार इस बात के लिए आग्रह आया और वे मान ही नहीं रहे थे।

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डीजीपी कहीं भी जा सकते हैं। किसी की भी हिंदू संगठन या संस्था के प्रति आस्था है तो उसे कैसे रोका जा सकता है। बहुत ही गलत तरीके से इस चीज को आकार देने की कोशिश की गई है। जो मुजरिम है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें जानकारी मिली है कि इसे एक मकसद के साथ किया गया है कि संपत्ति पर कब्जा करने के प्रयास किए गए हैं। बार-बार वहां रह रहे लोगों को तंग करने के प्रयास किए गए हैं। उस समाज की ओर से शिकायत हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बोले कि डीजीपी होने के नाते उन्होंने प्रयास किया कि कानून को हाथ में नहीं ले सकते। ऐसी परिस्थिति में डीजीपी की उपस्थिति में दुर्व्यवहार किया गया। कानूनी कार्रवाई हुई है। आने वाले वक्त में भी होगी।  

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