Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

महज किसानो के लिए नहीं बल्कि देश बचाने के लिए हो रहा है आन्दोलन : राकेश टिकैत

-खट्टर सरकार तालिबानियों जैसा कर रही व्यवहार, उद्योग लगाने के लिए अपने चहेतों को कौड़ियो के दाम जमीन दे रही सरकार

अमित ठाकुर | परवाणू

किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है की देश में किसान आन्दोलन अब महज किसानो तक सीमित नहीं रह गया है। अब ये आन्दोलन देश बचाने को लेकर हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथो लेते हुए कहा की देश में सब्जी मंडिया बंद करके उद्योग लगाए जा रहे है। मंडियों की जमीने अपने चहेतों को कौड़ियो के दाम पर दी जा रही है। करनाल में किसानो पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी भर्त्सना करते हुए उन्होंने खट्टर सरकार को तालिबान सरकार की संज्ञा देते हुए कहा की खट्टर सरकार किसानो के ऊपर तालिबानियों जैसी बर्बरता कर रही है। राकेश टिकैत शिमला से वापिस जाते हुए शनिवार रात को परवाणू में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। परवाणू पहुँचने पर पुरुषोत्तम चौधरी के नेतृत्व में किसान नेताओं ने उनका स्वागत किया। राकेश टिकैत ने शनिवार की रात परवाणू के एक निजी होटल में गुजारी।

इसे भी पढ़ें:  कसौली में आप ने चलाया सदस्यता अभियान

परवाणू के पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा की उनका हिमाचल दौरा सफल रहा है। उन्होंने कहा की हिमाचल में छोटे छोटे स्तर पर किसान संगठन बने हुए है उनसे बात करके उन्हें एक मंच पर संगठित किया जाएगा ताकि उनकी आवाज़ को ठोस तरीके से उठाया जा सके। अपनी प्रोपर्टी के सम्बन्ध में उठाए जा रहे सवालों के जवाब में राकेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी वह जब चाहे इसकी जांच करवा ले लेकिन यह भी साफ़ करे की किसान आन्दोलन से इसका क्या लेना देना है।

उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था की वर्ष 2022 में किसानो की आमदनी दोगुनी हो जाएगी, लेकिन 2022 आने में महज 3 महीने रह गए है और आमदनी बढ़ने की बजे घटती जा रही है। इस बात को लेकर वह पुरे देश में जाएँगे।

इसे भी पढ़ें:  Maan Chandi Devi Shakti Peeth: माँ चंडी देवी मंदिर, हिमाचल का उभरता हुआ शक्ति पीठ
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल