Senior IRS Officer Vidisha Kalra Success Story: देश के सबसे प्रतिष्ठित राजस्व सेवा क्षेत्रों में से एक, कर्नाटक और गोवा रीजन की कमान अब हिमाचल प्रदेश की एक बेटी के हाथों में सौंपी गई है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले घुमारवीं क्षेत्र की निवासी और 1991 बैच की वरिष्ठ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी विदिशा कालरा ने प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स के पद पर अपना कार्यभार संभाल लिया है। उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को लेकर उनके गृह क्षेत्र, घुमारवीं के साथ-साथ पूरे प्रदेश में बेहद उत्साह का माहौल है।
विदिशा कालरा मूल रूप से बिलासपुर जिला के घुमारवीं क्षेत्र के कगरानी गांव की रहने वाली हैं। उनका इस पद तक का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर स्थित सरकारी कन्या पाठशाला से पूरी की है। इसके बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया और पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई संपन्न की। इसी संस्थान से उन्होंने राजनीति शास्त्र में एम.फिल की डिग्री भी हासिल की है।
अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद विदिशा कलरा ने वर्ष 1991 में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की परीक्षा उत्तीर्ण की और देश की प्रशासनिक सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना शुरू किया। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विदिशा कालरा ने अपने लंबे करियर के दौरान आयकर विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। इस पद से पहले उन्होंने चीफ कमिश्नर के रूप में पंचकूला और शिमला में भी अपनी सेवाएं सफलतापूर्वक दी हैं।
हाल ही में, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने उनके शानदार प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें लेवल-17 के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर पद पर पदोन्नत किया था। इस पदोन्नति के बाद विदिशा कालरा को कर्नाटक और गोवा क्षेत्र के आयकर प्रशासन की संपूर्ण कमान सौंपी गई है। यह क्षेत्र राजस्व और कर संग्रह के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अब वे इस विस्तृत क्षेत्र में विभाग की प्रशासनिक और नीतिगत गतिविधियों का नेतृत्व करेंगी।
विदिशा कालरा के इस सर्वोच्च नेतृत्व वाले पद पर पहुंचने के बाद से ही उनके पैतृक गांव और आसपास के क्षेत्रों सहित प्रदेश में ख़ुशी का माहौल है। स्थानीय निवासियों और उनके शुभचिंतकों का मानना है कि विदिशा की यह उपलब्धि घुमारवीं और पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। लोग उन्हें हिमाचल की बेटी के रूप में देखते हैं और उनकी इस सफलता को युवा पीढ़ी, विशेषकर क्षेत्र की बेटियों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत मान रहे हैं।
















