Himachal News: शिमला में मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के हालिया विधानसभा चुनाव नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राठौर ने दावा किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर बड़े पैमाने पर वोट काटे गए, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का एक प्रमुख कारण बना।
राठौर ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्व में केंद्रीय एजेंसियों ईडी और सीबीआई पर सवाल उठते रहे हैं, उसी प्रकार अब चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी विपक्ष को संदेह होने लगा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का मूल काम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इनकी भूमिका लगातार संदेह के घेरे में है।
कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा एक या दो राज्यों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर अपनी पूरी ताकत लगा देती है और विभिन्न तरीकों का उपयोग करके चुनाव जीतने का प्रयास करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी भाजपा ने इसी प्रकार की राजनीतिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर सत्ता हासिल की। उनका यह भी दावा है कि जो राजनीतिक दल भाजपा के साथ गठबंधन में हैं, वे भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं।
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए राठौर ने आरोप लगाया कि वहां अर्धसैनिक बलों का दुरुपयोग किया गया और विपक्ष के समर्थकों को मतदान करने से रोका गया। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया चुनावों में महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दे पीछे छूट गए, जबकि गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं।
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी के संदर्भ में कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर हमेशा तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हैं, यही कारण है कि भाजपा उनके खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। उन्होंने देश की विदेश नीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें कमजोरी आई है और पड़ोसी देशों के साथ हमारे संबंध बेहतर नहीं हुए हैं।
केरल के राजनीतिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कुलदीप राठौर ने कहा कि वहां के मतदाता शिक्षित हैं और सांप्रदायिक आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक मुद्दों के आधार पर अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। इसके विपरीत, उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की भाषा शैली पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी भाषा मर्यादित नहीं है और उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए।
अंत में, कुलदीप राठौर ने चेतावनी दी कि जिस तरह से वर्तमान में चुनाव लड़े जा रहे हैं, उससे देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी और देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
















