Una News: जिला ऊना से एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाली वारदात सामने आई है। उपमंडल बंगाणा के तहत आने वाले रायपुर मैदान क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल की महिला शिक्षिका के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि स्कूल की छुट्टी के बाद रास्ते में रोककर उनकी बेरहमी से पिटाई भी की गई। इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में इस पूरी वारदात के पीछे पुराना जमीन विवाद मुख्य कारण बताया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन को सौंपी गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, पुष्पा देवी, जो रायपुर मैदान की निवासी हैं, वर्तमान में राजकीय प्राथमिक पाठशाला चुरड़ी में अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। पुष्पा देवी ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि घटना के दिन वह स्कूल में अपनी ड्यूटी पर तैनात थीं। इसी दौरान उनके पड़ोस में रहने वाले तीन व्यक्ति जिसमे रमेश चंद, राकेश कुमार और कमलेश देवी शामिल है, अचानक स्कूल परिसर में दाखिल हुए और हंगामा शुरू कर दिया।
शिकायत के मुताबिक, इन तीनों आरोपियों ने स्कूल के भीतर ही शिक्षिका पुष्पा देवी के साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। विवाद की जड़ दोनों पक्षों के बीच चल रहा जमीन का मसला बताया जा रहा है, जिस पर बहस करने के लिए आरोपी स्कूल पहुंच गए थे। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने स्कूल के प्रिंसिपल के सामने भी शिक्षिका के बारे में बेहद आपत्तिजनक और गलत बातें कहीं। आरोपियों ने प्रिंसिपल पर दबाव बनाने की कोशिश की और शिक्षिका को स्कूल से निकालने तक की धमकी दे डाली।
वारदात यहीं नहीं रुकी। शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि जब दोपहर को स्कूल की छुट्टी हुई और वह अपने बेटे के साथ घर वापस जा रही थीं, तो आरोपियों ने पहले से ही उनका रास्ता रोक रखा था। रास्ते में इन तीनों लोगों ने पुष्पा देवी को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने महिला शिक्षिका की पिटाई कर दी। शिकायत में विशेष रूप से कमलेश देवी का नाम लिया गया है, जिन्होंने शिक्षिका को थप्पड़ मारे।
सरेराह हो रही इस मारपीट को देखकर मौके पर मौजूद रजनी नामक महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुष्पा देवी ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि यह कोई पहली घटना नहीं थी; इससे पहले भी चार मई को दोनों परिवारों के बीच इसी जमीन विवाद को लेकर तीखी नोकझोंक और झगड़ा हो चुका था। इस बार आरोपियों ने कार्यस्थल और सार्वजनिक मार्ग पर हमला कर मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ दीं।
बंगाणा थाना पुलिस ने शिक्षिका की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों पर बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 352 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और घटना के समय स्कूल में मौजूद स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।
इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एएसपी संजीव भाटिया ने पुष्टि की है कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और सरकारी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिलहाल पुलिस आगामी साक्ष्यों को जुटाने में लगी है ताकि मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जा सके।बता दें कि जमीन विवाद से उपजी यह रंजिश अब एक गंभीर आपराधिक मामले में तब्दील हो चुकी है। एक शिक्षिका के साथ उनके स्कूल में घुसकर अभद्रता करना और फिर रास्ते में घेरकर मारपीट करना समाज के लिए एक चिंताजनक विषय है।
















