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Health Tips: एसिडिटी और कब्ज – गर्मियों में पेट का ये हाल क्यों हो रहा है? डॉक्टर ने बताई असली वजह..

Acidity And Constipation Remedies in Summer: गर्मियों का मौसम सेहत के लिए काफी मुश्किल भरा होता है, तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण कमजोर हो रहे पाचन तंत्र को बचाने के लिए डॉक्टरों ने अहम सलाह दी है, जिसे अनदेखा करना सेहत पर भारी पड़ सकता है।
Published on: 14 May 2026
Health Tips: एसिडिटी और कब्ज - गर्मियों में पेट का ये हाल क्यों हो रहा है? डॉक्टर ने बताई असली वजह..

Health Tips in Hindi: गर्मियों का मौसम जितना सख्त और परेशान करने वाला होता है, उतना ही यह हमारी सेहत पर भी गहरा असर डालता है। तेज धूप, बढ़ती गर्मी और शरीर में पानी की कमी कई तरह की समस्याओं को जन्म देती है। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादा तापमान शरीर के अंदरूनी संतुलन को बिगाड़ देता है, जिससे खाना पचाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इस दौरान सबसे ज्यादा असर हमारे पेट और पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है। लोगों को अक्सर उल्टी, दस्त, एसिडिटी, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के दिनों में पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और शरीर को भोजन को प्रोसेस करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी पाचन तंत्र को कमजोर कर देती है, जिससे दिक्कतें बढ़ती हैं। यही वजह है कि इस मौसम में हल्का और सही खानपान बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि पेट की विभिन्न समस्याओं से बचा जा सके और शरीर पूरी तरह स्वस्थ बना रहे।

चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। इससे डिहाइड्रेशन होता है, जिसका सीधा असर हमारी आंतों पर पड़ता है। पानी की कमी से कब्ज, पेट भारी लगना और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इसके साथ ही, शरीर ब्लड फ्लो को स्किन की ओर मोड़ देता है, जिससे पाचन तंत्र स्वाभाविक रूप से कमजोर पड़ जाता है।

इसके अलावा, गर्मियों में शरीर का मेटाबॉलिज्म बदल जाता है, जिससे पेट में एसिड का उत्पादन काफी बढ़ सकता है। ज्यादा मसालेदार खाना, चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन इस समस्या को और ज्यादा बढ़ा देता है। इसके कारण मरीजों में सीने में जलन, खट्टी डकारें और एसिडिटी जैसी परेशानियां लगातार होने लगती हैं।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि गर्मियों में बैक्टीरिया और वायरस बहुत तेजी से बढ़ते हैं। गर्म और नमी वाला मौसम साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे बेहद हानिकारक बैक्टीरिया के पनपने के लिए पूरी तरह अनुकूल होता है। यही मुख्य कारण है कि इस मौसम में बाहर रखा हुआ खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है और उसे खाने से लोगों में फूड पॉइजनिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए हल्का और ठंडक देने वाला खाना सबसे अच्छा माना जाता है। दही, छाछ, खीरा और तरबूज जैसे फूड पेट को राहत देते हैं और शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं। ये सभी चीजें पेट के pH लेवल को भी ठीक रखने में काफी मदद करती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार गर्मियों में दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इसके साथ ही शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए नींबू पानी या ORS का सेवन भी बेहद फायदेमंद साबित होता है। लोगों को बाहर के खुले खाने और स्ट्रीट फूड से पूरी तरह बचना चाहिए क्योंकि इनमें संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर किसी व्यक्ति को पेट दर्द, उल्टी या बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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