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Dharamshala POCSO Court का ऐतिहासिक फैसला, नाबालिग भतीजी के साथ अश्लील हरकतें करने पर चाचा को जेल

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग भतीजी से अश्लील हरकतें करने के गंभीर मामले में आरोपी रिश्तेदार को तीन वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
By PNT
Published on: 3 June 2026
Dharamshala POCSO Court का ऐतिहासिक फैसला, नाबालिग भतीजी के साथ अश्लील हरकतें करने पर चाचा को जेल

Dharamshala POCSO Court: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने समाज को झकझोर देने वाले एक मामले में अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने अपनी नाबालिग भतीजी के साथ अश्लील हरकतें करने और उसे प्रताड़ित करने के एक गंभीर मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय लक्ष्मी की अदालत ने इस पूरे मामले की संवेदनशीलता और सबूतों को ध्यान में रखते हुए अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने दोषी को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा काटनी की आज्ञा दी है।

न्यायालय ने कानूनी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए न केवल जेल की सजा तय की, बल्कि आर्थिक दंड भी लगाया है। अदालत के आदेश के अनुसार, दोषी करार दिए गए व्यक्ति पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कानूनी पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दोषी इस निर्धारित जुर्माने की राशि को चुकाने में विफल रहता है, तो उसे एक महीने की अतिरिक्त साधारण कैद की सजा भुगतनी होगी।

यह पूरा मामला साल 2023 का है। पुलिस और अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, यह घटना 20 नवंबर 2023 को घटित हुई थी, जब देहरा उपमंडल की रहने वाली एक नाबालिग छात्रा रोज की तरह अपने स्कूल जा रही थी। रास्ते में गांव के ही एक रिश्तेदार ने, जो रिश्ते में पीड़िता का चाचा लगता था, उसे देखकर अपनी दुकान पर बुलाया। आरोपी ने नाबालिग छात्रा को विश्वास में लिया और उसे स्कूल छोड़ने का झांसा देकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया।

छात्रा को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने के बजाय, आरोपी उसे एक सुनसान इलाके की तरफ ले गया। सुनसान जगह पर पहुंचते ही आरोपी ने गाड़ी रोकी और पीड़िता के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया। जब इस घिनौने कृत्य का नाबालिग छात्रा ने कड़ा विरोध किया, तो आरोपी घबरा गया। उसने पीड़िता को डराने के उद्देश्य से उसका मुंह बंद रखने और इस घटना के बारे में किसी को भी न बताने के लिए जान से मारने की धमकी दी।

इस गंभीर घटना के बाद पीड़िता ने अत्यधिक हिम्मत दिखाई और घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी आपबीती विस्तार से सुनाई। परिजनों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत मामला दर्ज कर तत्परता से जांच शुरू की। पुलिस ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाया और जल्द से जल्द चालान तैयार कर माननीय अदालत में पेश किया, जिसके बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पूरे मामले को बेहद मजबूती और तार्किक ढंग से प्रस्तुत किया। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 21 गवाहों के बयान अदालत के समक्ष दर्ज करवाए गए। इन सभी गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का दोष पूरी तरह से सिद्ध हो गया। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस सजा का ऐलान किया।

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