Dehra HRTC Bus Accident: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित देहरा बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। देहरा बस स्टैंड परिसर में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस में चढ़ने के प्रयास के दौरान 55 वर्षीय एक महिला अचानक वाहन की चपेट में आ गई। इस दुर्घटना में महिला की दोनों टांगें बस के अगले टायर के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गईं। घटना के तुरंत बाद बस स्टैंड परिसर में मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे में घायल महिला की पहचान सुषमा देवी (55), पत्नी मस्त राम, निवासी सिहोटी खुर्द के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुषमा देवी अपने पति के साथ किसी निजी कार्य के सिलसिले में देहरा ब्लॉक कार्यालय आई हुई थीं। उनके पति ग्राम पंचायत सिहोटी खुर्द के वार्ड पंच पद पर कार्यरत हैं। ब्लॉक कार्यालय में अपना काम निपटाने के बाद दोनों वापस घर लौटने के लिए देहरा बस स्टैंड पहुंचे थे, जहां यह अप्रत्याशित हादसा घटित हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, HRTC की बस (HP 36C-4843) देहरा से बड़ोह मार्ग पर रवाना होने की तैयारी में थी। बस जब डिपो से निकलकर बस स्टैंड पर पहुंची और अपने निर्धारित स्थान पर बैक की जा रही थी, उसी समय ग्रामीण रूट की बस होने के कारण यात्रियों में चढ़ने की होड़ मच गई। यात्रियों की अत्यधिक भीड़ के बीच संतुलन बिगड़ने से सुषमा देवी सीधे बस के अगले टायर के नीचे आ गईं, जिससे उनकी दोनों टांगों में गंभीर चोटें आईं।
हादसा होते ही मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और HRTC के कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने तुरंत महिला को बस के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के लिए सिविल अस्पताल देहरा पहुंचाया। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। एसपी देहरा संदीप धवल ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस चालक, परिचालक और घटना के समय वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


















