Kangra News: कांगड़ा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां विद्युत विभाग की कथित लापरवाही ने एक युवा लाइनमैन की जान ले ली। जानकारी के मुताबिक विंद्रावन क्षेत्र में बिजली की क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने के दौरान करंट लगने से 28 वर्षीय लाइनमैन की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान रानीताल निवासी मोहन लाल के रूप में हुई है, जो विद्युत उपमंडल विंद्रावन में लाइनमैन के पद पर तैनात था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार रात क्षेत्र में आए भीषण तूफान और तेज हवाओं के कारण बिजली का बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ था। तूफान की वजह से कई स्थानों पर बिजली की तारें टूट गई थीं, जिसके कारण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित थी।
सोमवार सुबह मोहन लाल अपने अन्य सहयोगियों के साथ निगम वार्ड-7 विंद्रावन के अंतर्गत आने वाले जंगली क्षेत्र में क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने के लिए गया था। मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बिजली की सप्लाई को पीछे से बंद (शटडाउन) करवाया गया था। मोहन लाल खंभे पर चढ़कर तारों को जोड़ रहा था, जबकि उसके साथी कर्मचारी जमीन पर रहकर तार खींचने में मदद कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मरम्मत का काम अभी चल ही रहा था कि अचानक पीछे से किसी कर्मचारी ने बिजली की लाइन दोबारा चालू कर दी। जैसे ही तारों में करंट दौड़ा, नीचे खड़े कर्मचारियों को जोरदार झटका महसूस हुआ और उन्होंने तुरंत तारें छोड़ दीं। हालांकि, खंभे पर मौजूद मोहन लाल के पास संभलने का कोई मौका नहीं था। वह बिजली के तेज प्रवाह की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलसने के कारण उसकी वहीं मृत्यु हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल, अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर इस पूरी घटना में विभागीय लापरवाही का संकेत मिल रहा है, क्योंकि चालू लाइन पर काम करना नियमों के विरुद्ध है।
इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक मोहन लाल की शादी को अभी महज कुछ ही महीने हुए थे। उसकी असमय मृत्यु से पूरे गांव में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों और परिजनों में विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि अगर बिजली बंद थी, तो बिना सूचना के उसे दोबारा किसने और क्यों चालू किया?
कांगड़ा पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ग्रिड या उपमंडल कार्यालय से लाइन चालू करने का आदेश किसने दिया था। विभागीय अधिकारियों ने भी मामले में आंतरिक जांच बैठाने की बात कही है। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा और तकनीकी तालमेल की कमी को लेकर चर्चाएं तेज हैं, जिसने एक युवा कर्मचारी की जान ले ली।
















