Cockroach Janta Party Protest News: देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर आज एक बड़े आंदोलन का गवाह बन रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश की शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा ऑन-ग्राउंड प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य NEET, CUET, CBSE और SSC GD जैसी प्रमुख परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के खिलाफ आवाज उठाना है।
CJP इस पूरी अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग कर रही है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर भारी मात्रा में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं और इलाके का सुरक्षा वॉकथ्रू भी किया गया है। पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पैरामिलिट्री फोर्स की करीब 40 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा कई जिलों के जॉइंट CP, DCP, एडिशनल DCP और ACP स्तर के वरिष्ठ अधिकारी खुद जमीन पर ड्यूटी पर मुस्तैद हैं।
अभिजीत दीपके के दिल्ली आगमन से ही इस घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आने लगे थे। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके सुबह इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर पहुंचे। हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच के बाद दिल्ली पुलिस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और उन्हें इमिग्रेशन ऑफिस ले जाया गया।
इसके बाद एयरपोर्ट पर अभिजीत और GMR टीम के बीच वीआईपी ट्रीटमेंट और गाड़ी को अंदर लाने की मांग को लेकर काफी देर तक बहस भी हुई। हालांकि, उन्हें वीआईपी एग्जिट की अनुमति नहीं मिली। एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद अभिजीत दीपके के हाथों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की आत्मकथा की एक प्रति देखी गई। उन्होंने अपने समर्थकों से सोशल मीडिया पर पूरी तरह शांतिपूर्ण रहने और संविधान की मर्यादा में रहकर प्रदर्शन करने की अपील की।
उन्होंने समर्थकों से अपने साथ किताब और तिरंगा लेकर आने को कहा। जंतर-मंतर पहुंचने से पहले दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि वह कुछ समय के लिए रकाबगंज गुरुद्वारा और कनॉट प्लेस इलाके में अपनी गाड़ी से घूमते रहे, जिसके बाद वह सीधे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। दूसरी तरफ, सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज MIDC इलाके में स्थित अभिजीत के पैतृक घर के बाहर भी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। DCP पंकज अतुलकर के मुताबिक, यह कदम अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए उठाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए कुछ सख्त शर्तों के साथ ‘वन टाइम एक्सेप्शन’ के तहत सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, जंतर-मंतर पर 1000 से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र होने की अनुमति नहीं है। पुलिस प्रशासन ओला, उबर जैसी प्राइवेट टैक्सी कंपनियों के संपर्क में है ताकि जंतर-मंतर रूट पर अचानक बढ़ने वाली बुकिंग्स पर नजर रखी जा सके। साथ ही सोशल मीडिया की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, हालांकि इस सुरक्षा अलर्ट के बीच दिल्ली मेट्रो सेवा पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
इस आंदोलन को उस समय और अधिक मजबूती मिली जब लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। सोनम वांगचुक ने CJP के इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य पर असर डालने वाली इतनी बड़ी स्थिति बिगड़ने पर किसी भी स्वाभिमानी मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। वांगचुक ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रदर्शन के संबंध में प्रशासन द्वारा अभिजीत दीपके के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की जाती है, तो वह छह सप्ताह के कड़े अनशन पर बैठ जाएंगे।
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में भारी संख्या में छात्र, युवा प्रोफेशनल्स और अभिभावक जुटे हैं। कई प्रदर्शनकारी अनोखे ढंग से कॉकरोच मास्क पहनकर और हाथों में फूल लेकर पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा ‘पीसफुल प्रोटेस्ट’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लगातार बुलंद किए जा रहे हैं। CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जनता के टैक्स से मंत्रियों को सैलरी मिलती है और उनके कार्यकाल में लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के आरोपों को पार्टी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। CJP की प्रवक्ता विजेता दहिया और संगठन ने स्पष्ट किया कि उनके 94% से अधिक फॉलोअर्स पूरी तरह भारतीय हैं और उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों बता रहे हैं। पार्टी ने उपद्रवियों से बचने के लिए अपने समर्थकों को निर्देश दिया है कि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत वीडियो बनाकर पुलिस को सौंपें।

















