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दूध और कुरकुरे के पैकेट में ‘चिट्टा’! शिमला में 1.25 करोड़ के ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश,

Shimla News: शिमला पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए हरियाणा के फरीदाबाद से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है, जो अनोखे तरीकों से नशे की सप्लाई करता था।
Published on: 11 June 2026
Shimla Drugs Network Bust: दूध और कुरकुरे के पैकेट में 'चिट्टा'! शिमला में 1.25 करोड़ के ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश,

Shimla Drugs Network Bust: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिमला पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि शिमला में अब दूध और कुरकुरे के खाली पैकेटों में छिपाकर चिट्टे (हेरोइन) की सप्लाई की जा रही थी।

इस पूरे नेटवर्क के जरिए पिछले महज तीन महीनों के भीतर करीब 1.25 करोड़ रुपये का अवैध वित्तीय लेन-देन होने की बात भी उजागर हुई है। जानकारी के अनुसार यह पूरी सफलता पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज अभियोग संख्या 27/2026 के तहत चल रही गहन जांच के दौरान मिली है। इस मामले की शुरुआत 24 अप्रैल, 2026 को हुई थी, जब पुलिस टीम ने अविनाश चौहान (37) नाम के एक व्यक्ति को दबोचा था। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग सात ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था।

अविनाश चौहान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों से जुड़ते चले गए। अविनाश चौहान से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाते हुए विशाल यादव और उसके भाई जय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। यह दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं। इसके बाद जब पुलिस ने तकनीकी और जमीनी साक्ष्यों को खंगाला, तो इस नेटवर्क के मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर का पता चला।

पुलिस जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के छतरपुर का रहने वाला 21 वर्षीय रवि अहिरवार इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सप्लायर और डिस्ट्रीब्यूटर था, जो वर्तमान में हरियाणा के बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) में रह रहा था।शिमला पुलिस की एक विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रवि अहिरवार को 5 जून को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने पूछताछ के लिए उसका रिमांड हासिल किया है।

एसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि रवि अहिरवार इस पूरे नेटवर्क में कमीशन के आधार पर काम करता था। उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह पिछले एक वर्ष में करीब 50 बार शिमला आकर ड्रग्स सप्लाई की विभिन्न गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल रहा है। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपी रवि वर्ष 2025 से पंजाब के मोहाली क्षेत्र में छिपकर रह रहा था और वहीं से हिमाचल प्रदेश में हेरोइन की सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था।

आरोपी शिमला के आईएसबीटी टुटीकंडी और उसके आसपास के इलाकों में दूध, कुरकुरे और अन्य खाने-पीने की चीजों के खाली पैकेटों में मादक पदार्थ छिपाकर रख देता था। इसके बाद वह उन संबंधित स्थानों की छोटी वीडियो क्लिप बनाकर मुख्य संचालक विशाल को भेजता था। जैसे ही मुख्य संचालक को खरीदार से भुगतान की पुष्टि हो जाती थी, वैसे ही खरीदारों को वह वीडियो और लोकेशन साझा कर दी जाती थी।

शिमला पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 48 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही पुलिस ने नशा तस्करी में शामिल 37 बड़े ड्रग सप्लाई नेटवर्कों का पूरी तरह से पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य वित्तीय लेन-देन और खरीदारों की सूची तैयार कर रही है।

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