Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में आयोजित किए जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत ने प्रतियोगिता में अपना दूसरा पदक दर्ज कर लिया है। मणिपुर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी ऋषिकांता सिंह चनमबम ने पुरुषों की 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग (स्नैच, क्लीन एंड जर्क) स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
ऋषिकांता सिंह चनमबम से पहले भारत को पहला पदक पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में मिला था, जहां बिहार के झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीता था। ऋषिकांता की इस उपलब्धि ने भारत के पदक तालिका में दूसरे स्थान को सुनिश्चित कर दिया है।

इस प्रतियोगिता के स्नैच राउंड में ऋषिकांता ने अपनी क्षमता का परिचय देते हुए 121 किलोग्राम का भार उठाया और एक नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किया। हालांकि, बाद में स्वर्ण पदक विजेता मलेशिया के मोहम्मद अनिक कासदान ने भी 121 किलोग्राम का भार उठाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी की।
स्पर्धा के कुल परिणाम पर नजर डालें तो ऋषिकांता ने कुल 264 किलोग्राम (स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम) भार उठाकर रजत पदक जीता। क्लीन एंड जर्क के दूसरे और तीसरे प्रयास में उन्होंने क्रमशः 148 किलोग्राम और 151 किलोग्राम भार उठाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
5 जुलाई 1998 को जन्मे ऋषिकांता सिंह भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से आते हैं। मणिपुर को भारतीय वेटलिफ्टिंग का गढ़ माना जाता है, जिसने देश को मीराबाई चानू और कुंजारानी देवी जैसी महान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दी हैं। ऋषिकांता मणिपुर से कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले पहले पुरुष वेटलिफ्टर बन गए हैं।
ऋषिकांता ने बहुत कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग में अपना करियर बनाने का फैसला किया था। उनके खेल को वास्तविक दिशा और अनुशासन तब मिला जब वे भारतीय सेना के खेल कार्यक्रम (इंडियन आर्मी स्पोर्ट्स प्रोग्राम) से जुड़े। सेना के माहौल, गहन प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर की कोचिंग ने उनकी तकनीक और शारीरिक क्षमता में व्यापक सुधार किया।
अपने करियर की शुरुआत में ऋषिकांता 55 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते थे। उन्होंने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 55 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद उन्होंने अपना भार वर्ग बदलकर 60 किलोग्राम कर लिया, जो उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हुआ।
वर्ष 2025 ऋषिकांता के अंतरराष्ट्रीय करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। अहमदाबाद में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। वहां उन्होंने कुल 271 किलोग्राम (120 किलोग्राम स्नैच + 151 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया, जिसकी बदौलत उन्हें 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा टिकट मिला।
इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025 में नॉर्वे में आयोजित विश्व वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जहाँ वे 269 किलोग्राम कुल भार के साथ विश्व के शीर्ष 11 वेटलिफ्टरों में अपनी जगह बनाने में सफल रहे थे।


















