Kasol Rave Party Bust: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी स्थित प्रसिद्ध पर्यटन नगरी कसोल में पुलिस ने आधी रात को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कसोल के जंगल क्षेत्र में चल रही एक कथित रेव पार्टी पर कुल्लू पुलिस ने अचानक छापेमारी की, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा कसोल क्षेत्र में आयोजित हो रही कथित रेव पार्टियों पर कड़ा संज्ञान लेने के बाद अमल में लाई गई है। इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की बात करें तो न्यायाधीश रोमेश वर्मा के निर्देशों के तहत, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) को इस पूरे विषय पर दस दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था।

माननीय अदालत के इस सख्त रुख के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में अपनी निगरानी और खुफिया तंत्र को काफी मजबूत कर दिया था। इसी कड़ी में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कसोल के एक जंगल क्षेत्र में आयोजित पार्टी के भीतर नशीले पदार्थों का बड़े पैमाने पर सेवन और तस्करी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस दल ने चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। जांच और तलाशी के दौरान वहां मौजूद दो युवकों के कब्जे से विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किए गए। ड्रग्स की बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस ने तत्काल मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और संबंधित प्रतिबंधित सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान बाहरी राज्यों के निवासियों के रूप में हुई है। इनमें से एक आरोपी केरल के एर्नाकुलम का रहने वाला है, जिसका नाम राहुल सांई (33) बताया गया है। वहीं, दूसरा आरोपी पंजाब के खरड़, जिला एसएएस नगर (मोहाली) का निवासी है, जिसकी पहचान चिराग भाटिया के रूप में की गई है। दोनों युवक पर्यटन की आड़ में इस कथित पार्टी का हिस्सा बनने पहुंचे थे।
पुलिस द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आरोपी राहुल सांई के पास से तलाशी के दौरान 0.96 ग्राम कोकीन बरामद की गई है। इसके अलावा, दूसरे आरोपी चिराग भाटिया के कब्जे से भारी मात्रा में अलग-अलग ड्रग्स मिले हैं, जिनमें 2 एक्स्टेसी गोलियां, पांच हिस्सों वाली एलएसडी पेपर स्ट्रिप, 1.31 ग्राम कोकीन और 2.7 ग्राम चरस शामिल है। पुलिस ने इन सभी घातक नशीले पदार्थों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस की शुरुआती जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस कार्यक्रम के आयोजकों ने प्रशासन से केवल एक सामान्य आयोजन की अनुमति ली थी। हालांकि, इस वैध अनुमति की आड़ में वहां पूरी तरह से नशे से जुड़ी अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
कुल्लू पुलिस अब इस इनपुट पर काम कर रही है कि इतनी महंगी और सिंथेटिक ड्रग्स घाटी में कहां से लाई गई थीं और इस पूरे रैकेट के पीछे कौन-कौन से अन्य सफेदपोश या स्थानीय लोग शामिल हैं। इस घटना के बाद मणिकर्ण पुलिस थाना में दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
कुल्लू के पुलिस अधीक्षक (SP) मदन लाल कौशल ने इस पूरी रेड और गिरफ्तारी के मामले की पुष्टि की है। उन्होंने मीडिया को बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पुलिस हिरासत में गहन पूछताछ की जा रही है ताकि ड्रग्स के स्रोत का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल इन उपभोक्ताओं को पकड़ना नहीं, बल्कि मणिकर्ण घाटी में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना है। इसके साथ ही इस अवैध व्यापार के मुख्य सप्लायरों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्यटन स्थलों पर नशे के इस काले कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
















