Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Shimla News: तांत्रिक विद्या का डर दिखाकर मासूम से दुष्कर्म, रामपुर के पूर्व प्रधान को पोक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

Rampur POCSO Court Verdict: किन्नौर स्थित रामपुर की पोक्सो अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में तत्कालीन पंचायत प्रधान को सुनाई कड़ी सजा के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
Updated By Prajasatta
Published on: 1 जुलाई 2026
Shimla News, Minor Rape Case Decision: Shimla News: Sirmour News Solan POCSO Court Verdict

Shimla News Today: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर स्थित रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के 43 वर्षीय दोषी किशोरी लाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल से मिली जानकारी के मुताबिक, दोषी किशोरी लाल रामपुर की एक स्थानीय पंचायत का तत्कालीन प्रधान था। उसने अपने रसूख और तांत्रिक विद्या का डर दिखाकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया था। पीड़िता उस समय केवल 13 वर्ष की थी और आठवीं कक्षा में पढ़ रही थी।

दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम 21 सितंबर 2025 का है। जब पीड़िता अपनी नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना के दिन जब वह स्कूल जा रही थी, तब रास्ते में तत्कालीन प्रधान किशोरी लाल ने उसे जबरन रोका। आरोपी ने पीड़िता के गले में पहनी हुई रुद्राक्ष की माला को छुआ। इसके बाद उसी शाम आरोपी ने पीड़िता की एक सहेली को भी स्कूल से लौटते समय रोका।

किशोरी लाल ने पीड़िता की सहेली से कहा कि सुबह जब उसने पीड़िता की रुद्राक्ष की माला छुई, तो उसे एक ‘झटका’ लगा था। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को डरा-धमकाकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा। जब पीड़िता ने वहां से भागने की कोशिश की, तो आरोपी किशोरी लाल ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी किशोरी लाल पीड़िता को लगातार तांत्रिक विद्या का डर दिखाता था और इसी डर की आड़ में वह काफी समय से गलत काम कर रहा था। वह पीड़िता को जबरन फोन पर बात करने के लिए भी मजबूर करता था। आरोपी की प्रताड़ना से तंग आकर अंत में पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और अपनी नानी को पूरी आपबीती सुनाई। नानी ने तुरंत इसकी सूचना बच्ची के माता-पिता को दी, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की। अदालत में चले ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से पेश किया। इस मुकदमे की पैरवी सरकार की तरफ से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष कुल 16 गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज किए गए।

अदालत ने सभी 16 गवाहों के बयानों और फॉरेन्सिक व मेडिकल साक्ष्यों को बारीकी से परखा। सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ लगे आरोप पूरी तरह सही पाए गए। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने किशोरी लाल को दोषी करार देते हुए 20 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।

Crime Against MinorHimachal Crime NewsKinnaur NewsPOCSO Act CaseRampur Court Verdict

Join WhatsApp

Join Now