Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर स्थित जुखाला कॉलेज में साइंस और कॉमर्स संकाय की कक्षाओं को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर चल रहा गतिरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। आज तीसरे दिन भी स्थानीय प्रदर्शनकारियों का आंदोलन पूरी शिद्दत के साथ जारी रहा। इस आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में 8 प्रमुख प्रतिनिधियों पर पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन स्थल पर मजबूती से डटे हुए हैं।
शुक्रवार को भी आंदोलन के समर्थन में आए लोग करीब दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस विरोध प्रदर्शन के चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें केवल छात्र ही नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीण, बच्चों के अभिभावक और बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। सभी ने एक सुर में सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रतिनिधियों पर मामला दर्ज कर उनके लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन चाहे कितनी भी कार्रवाई कर ले, जब तक कॉलेज में साइंस और कॉमर्स की कक्षाएं बहाल नहीं की जातीं, तब तक उनका यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस संवेदनशील विषय पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को आने वाले दिनों में और अधिक तेज तथा उग्र रूप दिया जाएगा।
दूसरी तरफ, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। बिलासपुर के थाना बरमाणा में इस प्रदर्शन और नेशनल हाईवे-205 को जाम करने के मामले में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। यह मामला बरमाणा थाना की एसएचओ पूजा देवी द्वारा भेजे गए रुक्का (शिकायत पत्र) के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 25 जून को डाईट चौक गसौड़ (जुखाला) में बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित कर नेशनल हाईवे-205 पर यातायात को पूरी तरह बाधित किया गया था।
पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में कुल आठ लोगों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। नामजद किए गए लोगों में जुखाला के निवासी अमर सिंह, ग्राम पंचायत जुखाला के वर्तमान प्रधान हरि राम, पंजैल खुर्द की प्रधान ममता धीमान, और निहारखान बसला की प्रधान रीना देवी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व बीडीसी सदस्य नीवा देवी, जुखाला से पूर्व बीडीसी सदस्य रूपेश भट्टी, चांदपुर के निवासी रोशन लाल ठाकुर और ग्राम पंचायत राजपुरा के पूर्व प्रधान सत्यदेव शर्मा समेत अन्य प्रदर्शनकारियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
बरमाणा थाना की एसएचओ पूजा देवी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है। कानून को हाथ में लेने और नेशनल हाईवे जैसी मुख्य सड़क को अवरुद्ध करने वालों के खिलाफ साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य और वीडियो साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
















