CBI raid in Manali: हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल मनाली के बहांग क्षेत्र में सीबीआई की शिमला इकाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई ने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के सहायक गैरिसन अभियंता केके सोनी को 93 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी है और वर्तमान में मनाली में तैनात है।
जांच एजेंसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी के खिलाफ एक ठेकेदार ने शिकायत दर्ज कराई थी। ठेकेदार का लगभग 30 लाख रुपये का बिल सैन्य विभाग के इस कार्यालय में लंबे समय से लंबित था। आरोप है कि इस लंबित बिल को पास करने और भुगतान जारी करने के एवज में सहायक गैरिसन अभियंता केके सोनी ने कुल राशि का तीन प्रतिशत कमीशन मांगा था। ठेकेदार इस रिश्वत को देने के पक्ष में नहीं था, जिसके बाद उसने सीधे सीबीआई से संपर्क किया।

ठेकेदार की लिखित शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने मामले का प्राथमिक सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर सीबीआई शिमला के पुलिस अधीक्षक राजेश चहल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमित पाल और उप पुलिस अधीक्षक गोविंद सोलंकी शामिल थे। एजेंसी ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया।
तय रणनीति के तहत, ठेकेदार जैसे ही रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 93 हजार रुपये लेकर अधिकारी के पास पहुंचा और आरोपी ने रकम स्वीकार की, पहले से मुस्तैद सीबीआई की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। टीम ने तुरंत रासायनिक प्रक्रिया के जरिए आरोपी के हाथ धुलवाए और रिश्वत की रकम बरामद कर उसे हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद सीबीआई की एक अन्य टीम ने आरोपी अधिकारी के सरकारी आवास पर छापेमारी की। देर शाम तक चली इस सघन तलाशी के दौरान केंद्रीय एजेंसी ने आवास से संदिग्ध नकदी, कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं। सीबीआई के अधिकारी अब इन दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
सीबीआई अब इस पहलू पर भी गंभीरता से जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज जैसे संवेदनशील और रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े कार्यालय में भ्रष्टाचार का यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा हलकों में भारी हलचल देखी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण इस विभाग में इस तरह की गतिविधि को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने आरोपी केके सोनी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एजेंसी फिलहाल आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही आरोपी की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों के विवरण और इस मामले में शामिल अन्य संभावित अधिकारियों की भूमिका की भी गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
















