Himachal News: नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान हुए भारी बवाल और पुलिस कार्रवाई पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रतिक्रिया सामने आई है। मंगलवार को शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार दिया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह स्वयं छात्र राजनीति से निकलकर इस पद तक पहुंचे हैं, इसलिए वह विद्यार्थियों की पीड़ा और उनकी समस्याओं को बहुत करीब से समझते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकार इस तरह की हिंसक कार्रवाई का पूरी तरह विरोध करती है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता। सीएम ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह हठधर्मिता छोड़कर प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के साथ उनकी मांगों पर तत्काल बातचीत करे और इस गतिरोध को जल्द से जल्द खत्म करे।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पेपर लीक होना एक आम बात बन गई है। जब हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, तब ‘कर्मचारी चयन आयोग’ के माध्यम से पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ था। आपको याद रखना चाहिए कि उस दौरान पुलिस के अलावा अन्य परीक्षाओं के पेपर भी बेचे गए थे।
हमने उस चयन बोर्ड को ही भंग कर दिया, जो भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था और जहाँ पेपर बेचे और लीक किए जाते थे। अब गठित नए आयोग (‘राज्य चयन आयोग’) को लेकर ऐसी कोई शिकायत नहीं आ रही है। यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत आती भी है, तो हम दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब हिमाचल में पेपर लीक हुए थे और बेचे गए थे, तब हमारी सरकार ने इस भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा था, क्योंकि जनता के हितों की रक्षा करना सरकार का पहला दायित्व होता है।
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला स्थित ओकओवर में ‘मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम’ की औपचारिक शुरुआत भी की। इस कार्यक्रम के पहले दिन उन्होंने सिरमौर जिले के पच्छाद और शिमला जिले के चौपाल विधानसभा क्षेत्रों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर फीडबैक लिया और जमीनी स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को एकजुट होकर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राज्य सरकार की नीतियों और जन कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस पहल का स्वागत करते हुए उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे राज्य सरकार के साथ पूरी मजबूती से चट्टान की तरह खड़े हैं।
सीएम ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार से विरासत में मिली बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए वर्तमान सरकार लगातार कड़े कदम उठा रही है। शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 150 से अधिक सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सकेगी।
इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल देने के लिए दूध के क्रय मूल्य में वृद्धि की गई है और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती से तैयार कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी प्रदान कर रही है।
बागवानों और विद्यार्थियों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब बागवानों का 30 बोरी तक के सेब का पूरा भुगतान कर दिया गया है और अब 100 बोरी तक का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही विधवा महिलाओं और एकल नारियों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च भी राज्य सरकार वहन कर रही है।
मेधावी व पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जा रहा है। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश में सरकार और संगठन पूरी तरह तालमेल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।


















