ShImla News: देश भर में गहराते NEET पेपर लीक विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों के समर्थन में आते हुए उन्होंने कहा कि समय मिलते ही वह खुद भी इस आंदोलन और हड़ताल में शामिल होने दिल्ली जाएंगे।
मीडिया से बातचीत के दौरान राजस्व मंत्री ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि देश संविधान की मूल भावना के बजाय तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शन का जिक्र करते हुए नेगी ने कहा कि सीजेपी (CJP) के बैनर तले संसद मार्च निकाल रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि देश के युवा पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस और आरएएफ के जवानों ने उन पर बर्बरता से लाठियां बरसाईं। इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान हुए हैं, जो कि लोकतंत्र की सेहत के लिए बेहद चिंताजनक है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि अब तक 100 से भी अधिक बार विभिन्न पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित रणनीति के तहत किया जा रहा है ताकि अपने पसंदीदा लोगों को बैकडोर से सरकारी नौकरियों में फिट किया जा सके। इस पूरी व्यवस्था से तंग आकर जब देश के युवाओं ने दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, तो सरकार ने उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय लाठियों से कुचलने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए नेगी ने कहा कि NEET पेपर लीक के इस गंभीर मामले के कारण देश में 15 से ज्यादा मासूम बच्चों की जान चली गई। इसके बावजूद, बात-बात पर देश से ‘मन की बात’ करने वाले प्रधानमंत्री ने इतने संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है और ऐसा माहौल बना दिया गया है मानो देश में कोई अघोषित इमरजेंसी लागू हो गई हो।
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई पर विस्तृत सवाल उठाते हुए नेगी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने आए कई पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट लगाए ही लाठियां भांजते नजर आए। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मानकों के सर्वथा विपरीत है। उन्होंने युवाओं के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली में धरना दे रहे युवाओं ने देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए एक ‘छोटी सी चिंगारी’ जलाई है। देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्य आज दांव पर हैं, और ऐसे समय में युवाओं का आगे आना काबिले तारीफ है।


















