HP Assembly Session: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी 12वें मॉनसून सत्र को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। विधानसभा सचिवालय में आयोजित इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सत्र के दौरान सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विधानसभा भवन की बाहरी और अंदरूनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ-साथ आसन की ओर से जारी निर्देश संख्या-140 का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों को सदन तक पहुंचने में किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। किसी भी संभावित प्रदर्शन या धरने की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखेगा।

इसके अतिरिक्त, सत्र के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विधानसभा परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक एम्बुलेंस, दो डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती पूरे समय रहेगी। नियमों का सख्ती से पालन कराने के उद्देश्य से यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अधिकारी, आगंतुक या मीडिया कर्मी सदन के भीतर फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी नहीं कर सकेगा। ऐसा करते पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा की क्षमता के अनुसार ही आगंतुकों को प्रवेश पास जारी किए जाएंगे। इस बार स्कूली बच्चों को भी विधानसभा की कार्यवाही देखने और समझने का अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही परिसर और भवन में जारी मरम्मत कार्यों को समय पर पूरा करने तथा सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवेश पत्र प्रणाली को लेकर बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस बार सभी प्रवेश पत्र ऑनलाइन जारी नहीं किए जाएंगे। हिमाचल ई-विधान प्रणाली के स्थान पर राष्ट्रीय ई-विधान (नेवा) प्रणाली को अपनाया जा रहा है, जिसका कार्य अभी प्रगति पर है। इसी तकनीकी बदलाव के कारण इस सत्र में सभी प्रवेश पत्र हस्तलिखित जारी किए जाएंगे। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी किए जाने वाले अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास और प्रेस संवाददाताओं के पास को प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि सुरक्षा जांच के दौरान अनावश्यक भ्रम या परेशानी से बचा जा सके।
सुरक्षा के विस्तृत खाके पर बात करते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी और शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि मॉनसून सत्र के दौरान लगभग 750 पुलिस जवान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि पूरे सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से सतर्क और मजबूत रखा जाएगा। परिसर में अव्यवस्था से बचने के लिए पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी कड़े नियम तय किए गए हैं। मुख्य पार्किंग क्षेत्र में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही खड़े करने की अनुमति होगी।
प्रेस संवाददाताओं के वाहनों के लिए विधानसभा चौक से गेट नंबर 2 तक का स्थान निर्धारित किया गया है। वहीं विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहन गेट नंबर 2 से महालेखाकार कार्यालय के बीच मॉल रोड पर चिन्हित स्थानों पर खड़े होंगे। सभी वाहनों के आगे सचिवालय द्वारा जारी पार्किंग स्टिकर लगाना अनिवार्य होगा। परिसर के भीतर मोबाइल फोन, पेजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों से मिलने आने वाले आगंतुकों और जनप्रतिनिधिमंडलों के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं। वे विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में समय मिलने पर ही मुलाकात कर सकेंगे, जिसकी व्यवस्था पुलिस और सीआईडी के अधिकारी आपसी समन्वय से संभालेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि अब तक सचिवालय को सदस्यों की ओर से 406 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हो चुकी हैं, जिनकी संख्या सत्र शुरू होने तक बढ़ने की संभावना है। यह मॉनसून सत्र 21 अगस्त से 3 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी।


















