HPRCA Physics Teacher Result: हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग में भौतिकी शिक्षकों (पोस्ट कोड-26019) के 78 पदों को फिक्स मानदेय के आधार पर भरने के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। कंप्यूटर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट और उसके बाद सफल उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी की है। इस परिणाम के आने से लंबे समय से प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
एचपीआरसीए के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने भर्ती प्रक्रिया के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि भौतिकी शिक्षकों के इन पदों के लिए कुल 1,405 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इनमें से 1,192 अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में भाग लिया था। लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर आयोग ने 203 उम्मीदवारों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किया था।

आयोग की ओर से इन 203 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच 5 और 6 अगस्त को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरी की गई। पात्रता संबंधी सभी औपचारिकताओं और अभिलेखों के सत्यापन के बाद कुल 77 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से चयन के लिए योग्य पाया गया है। चयनित सभी अभ्यर्थियों का ब्योरा आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान निर्धारित सभी श्रेणियों और आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है। हालांकि, कुल 78 पदों में से एससी (स्वतंत्रता सेनानी परिजन) श्रेणी का एक पद पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण खाली रह गया है। इस वजह से कुल 78 पदों के सापेक्ष 77 पदों पर ही अंतिम चयन सूची जारी की गई है।
आयोग ने अंतिम परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिया है, जिसमें चयनित सभी उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और प्राप्त अंकों का पूरा विवरण दिया गया है। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट आसानी से देख सकते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों की जांच के बाद जारी यह परिणाम भर्ती का अंतिम चरण है। अब चयनित उम्मीदवारों को संबंधित स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से नियुक्ति संबंधी आगामी प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द खाली पदों को भरकर शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।




















