Himachal News: हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कांगड़ा जिले के पालमपुर दौरे के दौरान प्रदेश के ताजा राजनीतिक घटनाक्रमों और विकास योजनाओं पर खुलकर बात की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के बीच जारी जुबानी जंग पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि राजनीति का मूल केंद्र केवल विचारधारा, एजेंडा और विकास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार चरित्र हनन या किसी भी प्रकार की साजिश की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। सरकार का मुख्य ध्यान राज्य के विकास, जन कल्याण और गरीबों की सेवा पर केंद्रित है। अनावश्यक मुद्दों के माध्यम से प्रदेश की जनता का ध्यान जनकल्याणकारी कार्यों से हटाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।

डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार अपने विकास के एजेंडे को बेहद मजबूती और बेहतर तरीके से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी पार्टी नेतृत्व उनसे इस संदर्भ में राय या सुझाव मांगेगा, तो वे अपनी बात जरूर रखेंगे।
वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं से जुड़े सवालों पर विराम लगाते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि कैबिनेट में किसे शामिल करना है और किसे नहीं, यह पूरी तरह से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने पालमपुर के बुटेल परिवार के दीर्घकालिक राजनीतिक और सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए नगर निगम चुनाव में मिली शानदार जीत के लिए उन्हें बधाई दी।
दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पालमपुर से 10 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री यादविंदर गोमा और पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पहली बस को पालमपुर से प्रसिद्ध माता चामुंडा मंदिर मार्ग के लिए रवाना किया गया।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-बसों के नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रथम चरण में राज्य को 300 बसें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें से पालमपुर पहुंची 10 बसों का संचालन चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने के बाद विभिन्न लोकल और लंबे रूटों पर किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीकी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि ये बसें एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती हैं। ये बसें न केवल ध्वनि-प्रदूषण से मुक्त हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी अत्यंत उपयोगी हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की भूमिका पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि यह केवल एक कमर्शियल संगठन नहीं, बल्कि एक कल्याणकारी संस्था है। पिछले 52 वर्षों से कार्यरत एचआरटीसी प्रतिदिन लगभग 5 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है।
अग्निहोत्री ने जोर देकर कहा कि दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले इस निगम को केवल नफा-नुकसान के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। वर्तमान में एचआरटीसी का बेड़ा लगभग 2,900 बसों का है, जिसमें आधुनिक बदलाव किए जा रहे हैं। पूर्व में 200 नई डीजल बसें और वर्तमान में 300 ई-बसें शामिल की गई हैं। आने वाले समय में 1,000 और नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
पुरानी पेंशन योजना के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने दोहराया कि ‘कांग्रेस है तो ओपीएस है’। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कर्मचारियों से किया वादा पूरा किया है और सरकार की ओपीएस में किसी भी प्रकार के बदलाव या विकल्प की कोई योजना नहीं है।
इसके अतिरिक्त, कांगड़ा जिले को पर्यटन मानचित्र पर उभारने के लिए किए जा रहे प्रयासों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि गगल एयरपोर्ट के विस्तार पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही, कांगड़ा में 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से राज्य का सबसे बड़ा चिड़ियाघर (जू) भी तैयार किया जा रहा है।


















