Drinking Water Crisis: हिमाचल प्रदेश के दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडियार के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों में पेयजल संकट अब विकराल रूप धारण कर चुका है। ग्राम पंचायत चडियार के विधि नसेरी, कुकुड़ और जुभलापुर गांव में स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि स्थानीय निवासी इस बरसात के मौसम में भी नालों का दूषित पानी पीने के लिए विवश हैं।
जल शक्ति विभाग की लापरवाही, ठेकेदार की मनमानी और श्रमिकों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण दर्जनों परिवारों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली गई, तो अब ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

स्थानीय निवासियों ने पेयजल योजना के निर्माण और पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया में ठेकेदार तथा श्रमिकों पर गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पाइपलाइन का वितरण बेहद असंतुलित ढंग से किया गया है। महज चार परिवारों की बस्ती के लिए 2 इंच मोटी पाइपलाइन बिछा दी गई है, जबकि सात परिवारों को मात्र सवा इंच की पाइपलाइन से जोड़ा गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस क्षेत्र में घनी आबादी बसती है और जहां प्राथमिक विद्यालय स्थित है, वहां 2 इंच की लाइन बिछाने का कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि 11 परिवारों को सवा इंच की पाइपलाइन से जल आपूर्ति दी जाए और महज चार परिवारों को दी गई 2 इंच की पाइपलाइन को खोलकर घनी आबादी तथा स्कूल वाले क्षेत्र से जोड़ दिया जाए, तो पूरे गांव की पानी की किल्लत का स्थायी समाधान हो सकता है। परंतु तकनीकी समझ और जनहित की अनदेखी करते हुए काम को अधर में लटका दिया गया है।
इस पूरे मामले को ‘आपकी आवाज पट्टा महलोग’ द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद 27 अप्रैल को यह मुद्दा चर्चा में आया था। इसके अगले ही दिन, 28 अप्रैल को जल शक्ति विभाग बद्दी के अधिशासी अभियंता (XEN) अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा करने के पश्चात ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि चुनावों के तुरंत बाद पाइपलाइन के इस असंतुलन को दुरुस्त कर दिया जाएगा और सभी निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
हालांकि, इस बात को चार महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन न तो XEN साहब दोबारा गांव आए और न ही विभाग का कोई अन्य प्रतिनिधि या कर्मचारी वहां पहुंचा। स्थिति और भी जटिल इसलिए हो गई है क्योंकि चंडी सब-डविीजन और बरोटीवाला के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर खींचतान जारी है। चंडी सब-डिवीजन की ओर से अपना कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि बरोटीवाला क्षेत्र से संबंधित काम में भारी शिथिलता बरती जा रही है।
लगातार मिल रहे झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया है। गांव के राज कुमार, हरि सिंह, रविंद्र कुमार, जीत राम, कुलदीप, महिंदर, देव राज, शेर सिंह, मेहर सिंह, संतोष कुमार, गुरविंदर, मणी, जसपाल, राम चंद, अतर सिंह, मानवी देवी, चांदनी, राज कुमारी, संध्या, लीला देवी, निशा, सीमा और सुषमा सहित समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल शक्ति विभाग ने शीघ्र ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो वे बद्दी स्थित XEN कार्यालय का पूर्ण घेराव करेंगे और सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे। इसी बीच, ‘आपकी आवाज पट्टा महलोग’ के संचालक राजू भाई ने दून विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक राम कुमार चौधरी से हस्तक्षेप की अपील की है कि वे संबंधित विभाग को तुरंत कड़े निर्देश जारी कर ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाएं।


















