Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर स्थित नाहन विधानसभा क्षेत्र के मातर गांव में मूसलधार बारिश के बाद स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई। मातर स्थित स्कूल के पास अचानक खड्ड का जलस्तर बढ़ गया, जिसके तेज बहाव में 43 स्कूली बच्चे और 12 स्टाफ सदस्य फंस गए। उफनते जलस्तर और पहाड़ी खाले से आ रहे तेज पानी के बीच फंसे बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रशासन को दोपहर करीब 3 बजे मातर स्कूल के पास खड्ड में जलस्तर बढ़ने और लोगों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई। घटना की सूचना मिलते ही नाहन के एसडीएम राजीव संख्यान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के आदेश जारी किए। इसके बाद पुलिस, आपदा प्रबंधन और होमगार्ड के जवान त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचे।

मौके पर पहुंची टीमों के सामने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देना बेहद कठिन चुनौती साबित हो रहा था। एक तरफ उफनती हुआ खड्ड थी तो दूसरी तरफ जंगल की दिशा से तेज गति से आ रहा पहाड़ी खाला। विपरीत परिस्थितियों और लगातार हो रही बारिश के बीच होमगार्ड के जवानों ने तत्परता दिखाई। जवानों ने पहले स्थिति का गहन आकलन किया और फिर सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एक सुरक्षित रास्ता तैयार किया।
रास्ता बनने के बाद होमगार्ड और राहत दल के जवानों ने एक-एक कर सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। तेज बहाव और बारिश की परवाह किए बिना जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। लगभग तीन घंटे तक चले इस जोखिम भरे रेस्क्यू अभियान के अंत में सभी 43 विद्यार्थियों और 12 स्टाफ सदस्यों को सकुशल बचा लिया गया।
जिला सिरमौर में दोपहर बाद हुई मूसलधार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ा था। स्कूल में बच्चों के फंसे होने की खबर फैलते ही अभिभावक अत्यंत चिंतित हो गए थे और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी। हालांकि, जैसे ही सभी बच्चों और शिक्षकों के सुरक्षित बाहर निकलने की खबर आई, परिजनों तथा स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सफल रेस्क्यू के बाद स्थानीय निवासियों और बच्चों के अभिभावकों ने राहत कार्य में जुटे होमगार्ड के जवानों, पुलिस बल, आपदा प्रबंधन टीम और नाहन प्रशासनिक अधिकारियों का हृदय से आभार प्रकट किया। सभी ने जवानों के साहस और त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जिसकी बदौलत एक बड़ा हादसा होने से टल गया।


















