Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर राजनीति हलचल तेज हो गई है। हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केहर सिंह खाची को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। जानकारी के मुताबिक उन पर यह कार्रवाई कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी के बाद अमल में लाई गई है।
बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस पार्टी ने नोटिस जारी कर केहर सिंह खाची से पूछा है कि राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता और विधायक के खिलाफ सार्वजनिक मंच से इस तरह की बयानबाजी करने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

पार्टी ने खाची को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते यानी सात दिनों का समय दिया है। तय समय सीमा के भीतर जवाब न देने या असंतोषजनक उत्तर मिलने पर आगामी संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी कांग्रेस महासचिव (संगठन) विनोद जिंटा ने दी है।
मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए विनोद जिंटा ने स्पष्ट किया कि संगठन में अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने खाची को सात दिनों के भीतर नोटिस का लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर मिलने के बाद ही पार्टी की आगामी रणनीति तय होगी और अनुशासनात्मक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि केहर सिंह खाची को पार्टी में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा का करीबी माना जाता है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद उन्हें वन विकास निगम के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और साथ ही कैबिनेट रैंक भी दिया गया था। हालांकि, बाद में राज्य सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत सभी नेताओं के कैबिनेट रैंक वापस ले लिए थे।
दरअसल, इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत ठियोग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि “11 लोग भी कुलदीप राठौर को नहीं जानते थे।” खाची के इस बयान के बाद हिमाचल कांग्रेस के सियासी गलियारों में भारी खलबली मच गई। पार्टी के कई नेता इस टिप्पणी के विरोध में सामने आने लगे।
केहर सिंह खाची के बयान के तुरंत बाद राज्य के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सबसे पहले कुलदीप सिंह राठौर के समर्थन में उतरे। उन्होंने खाची के दावे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्हें करारा जवाब दिया। विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट कहा कि कुलदीप राठौर कांग्रेस पार्टी के एक कद्दावर और अत्यंत प्रतिष्ठित नेता हैं, जिनकी संगठन में अपनी एक अलग साख है।
लोक निर्माण मंत्री ने राठौर के सांगठनिक सफर को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने छात्र राजनीति में एनएसयूआई अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक का लंबा और निष्ठावान सफर तय किया है। जब पार्टी संकट के दौर में थी और विपक्ष में थी, तब संगठन के स्तर पर मेहनत करके पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने वाले प्रमुख नेताओं में कुलदीप राठौर का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
विक्रमादित्य सिंह ने नेतृत्व की परिभाषा पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी सच्चे नेता की पहचान उसको मिले पदों से नहीं, बल्कि संगठन के प्रति उसके समर्पण और जनता के प्रति उसकी जवाबदेही से तय होती है। राठौर के पक्ष में उनके इस कड़े रुख के बाद पार्टी संगठन ने भी खाची के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।


















