Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीर चलना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के बाहर भारतीय जनता पार्टी द्वारा अटैची लेकर किए गए प्रदर्शन पर जोरदार पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि खाली अटैची लेकर नाटक करने के बजाय विपक्ष अगर पांच अटैचियों में प्याज और चीनी भरकर लाता और जनता को बांटता, तो आम लोगों को राहत मिलती।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए अटैचियों का इस्तेमाल किया गया था। नौ विधायक अटैचियां देकर खरीदे गए थे, यही वजह है कि आज विपक्ष की अटैचियां खाली हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष के भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में अटैची की परंपरा की शुरुआत खुद भाजपा ने की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के लगभग साढ़े तीन साल के कार्यकाल के दौरान किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग खुद भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, उन्हें दूसरों की ईमानदारी पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
विजिलेंस कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जांच एजेंसियां दस्तावेज मांगती हैं, तो भाजपा के 10-10 विधायक विजिलेंस कार्यालय पहुंचकर ड्रामा करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2017 में भाजपा ने ही सुधीर शर्मा, हर्ष महाजन और राजेंद्र राणा के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। अब जब सरकार उन मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है, तो भाजपा एकजुट होकर विरोध कर रही है।
सीएम सुक्खू ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि केंद्र में आज भी ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां भाजपा के पास हैं, अगर उनका दामन साफ है तो वे सामने आकर जवाब दें। उन्होंने हिमकेयर और पीपीई किट मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अटैची की जरूरत भाजपा को है, सरकार को नहीं।
मुख्यमंत्री ने प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि E20 नीति के कारण चीनी महंगी हुई है और प्याज के दामों में बढ़ोतरी से जनता परेशान है। विपक्ष इन मुख्य मुद्दों से आम जनता का ध्यान भटकाने के लिए खाली अटैची लेकर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार प्रदेश के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हिमाचल की संपदा को किसी भी सूरत में लूटने नहीं दिया जाएगा। सरकार पूरी निष्ठा के साथ प्रदेश की सेवा में जुटी है।
अपने हालिया वाराणसी दौरे की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन उद्योगपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में शिवालिक हिल्स और मिड हिमालयन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के पर्याप्त साधन हैं।
सरकार इन क्षेत्रों का समुचित दोहन करने और नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में काम कर रही है ताकि उद्योगपतियों के सहयोग से नए अवसर पैदा किए जा सकें। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा और प्रदेशवासियों को शुभ सूचना मिलेगी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार को बने हुए 3 साल, 8 महीने और 13 दिन हो चुके हैं और अब लगभग एक साल चार महीने का कार्यकाल शेष बचा है।
वह प्रदेश हित में अपनी सरकार के एक-एक दिन का हिसाब रखते हैं। कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के साथ अपने संबंधों पर सीएम ने कहा कि उनका साथ एनएसयूआई के दिनों से है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन में कई बातें होती हैं और यदि राजनीति का हर रहस्य उजागर हो जाएगा, तो फिर राजनीति का औचित्य ही क्या रह जाएगा।


















