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JICA Scheme: कसौली विधानसभा में जायका सिंचाई परियोजनाओं पर उठे सवाल, कृषि मंत्री ने एक सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट

Kasauli Irrigation Project JICA: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कसौली विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने जायका योजना में अनियमितता का मुद्दा उठाया, जिस पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
JICA Scheme: कसौली विधानसभा में जायका सिंचाई परियोजनाओं पर उठे सवाल, कृषि मंत्री ने एक सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट

JICA Scheme: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कसौली विधानसभा क्षेत्र में जायका परियोजना के तहत चल रहे सिंचाई कार्यों की गुणवत्ता और परियोजना राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने सदन में कार्यों के क्रियान्वयन पर चिंता जताते हुए संभावित वित्तीय अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी खामियों की जांच की मांग की।

मामले पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कसौली क्षेत्र में जायका परियोजना के अंतर्गत संचालित छह सिंचाई योजनाओं की जांच करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इन कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने आरोप लगाया कि परियोजना के मूल उद्देश्यों के अनुरूप काम नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि जायका परियोजना में ऐसी योजनाओं को भी शामिल किया जा रहा है, जो समानांतर रूप से संचालित हो रही हैं, जबकि वास्तविक लाभ किसानों तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच रहा।

सुल्तानपुरी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से सिंचाई कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने परियोजना के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ स्तरों पर योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर संदेह पैदा हो रहे हैं। विधायक ने कसौली में चल रही सभी छह योजनाओं का स्वतंत्र ऑडिट करवाने की मांग भी रखी।

इस पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने सदन को बताया कि जायका परियोजना कृषि विभाग के माध्यम से वर्ष 2021 से 2029 तक लागू की जा रही है। इस परियोजना के लिए 1,010 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। इसमें जापान की संबंधित एजेंसी की भागीदारी लगभग 807 करोड़ रुपये, जबकि राज्य सरकार का हिस्सा करीब 203 करोड़ रुपये है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत लाभार्थियों के समूहों के माध्यम से योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। कसौली विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में फ्लो इरिगेशन की छह योजनाएं स्वीकृत हैं, जिन पर करीब 4.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं में पूरी तरह नए सिंचाई ढांचे तैयार करने के बजाय पहले से मौजूद कूहलों और सिंचाई संरचनाओं के विकास व सुधार को भी परियोजना में शामिल किया गया है।

हालांकि, मंत्री ने यह भी साफ किया कि यदि जांच के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी, तकनीकी त्रुटियां या धन के उपयोग में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कसौली में जायका परियोजना के तहत चल रहे सभी छह सिंचाई कार्यों की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों या संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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