Delhi Building Collapse: दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले के सत्य निकेतन क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। नानकपुरा गुरुद्वारे के पास स्थित चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। घटना के तुरंत बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
दिल्ली फायर सर्विसेज को रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद मौके पर तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को दोपहर 1.34 बजे पीसीआर कॉल के जरिए घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
अधिकारियों के अनुसार, मौके पर आठ फायर टेंडर तैनात किए गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में लोकल पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मी, सीएटी एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाएं जुटी हैं। अब तक छह लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि कई और लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका बनी हुई है।
इमारत में ‘होस्टल डेज’ नाम का पीजी चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इस पीजी में करीब दस कमरे थे। हर फ्लोर पर चार कमरे थे, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरे के लिए 18 हजार रुपए किराया था। थर्ड फ्लोर पर 16 हजार और फोर्थ फ्लोर पर 14 हजार रुपए किराया था। एक कमरे में दो बेड और एक बेड अलग-अलग किराये पर दिए जाते थे। बिल्डिंग में पतली-पतली गैलरी बनी थीं, और आग लगने या इमारत गिरने की स्थिति में कोई दूसरा एग्जिट गेट नहीं था।
इमारत के मालिक की पहचान आनंद बंसल के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम में रहता है। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि आनंद बंसल के तीन से चार पीजी संचालित हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिल्डिंग के मालिक और होस्टल डेज के संचालक हरिओम बंसल और आनंद बंसल हैं।
घटना के बारे में एक चश्मदीद ने बताया कि पास में उनकी दुकान है। वे दुकान के अंदर बैठे थे तभी अचानक भूकंप जैसी गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दी। उन्होंने बताया कि बाहर भागने पर बहुत धुआं और धूल थी और पूरी बिल्डिंग गिर चुकी थी। चश्मदीद ने कहा कि मलबे से अभी भी बच्चों के चिल्लाने की आवाजें आ रही हैं—”हमें बचाओ, हमें बचाओ!”
चश्मदीद ने यह भी बताया कि बिल्डिंग में ऊपरी ढांचा तो मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के पिलर कमजोर थे। इमारत को रेनोवेट किया जा रहा था, खासकर ग्राउंड फ्लोर पर किराए की जगह बनाने के लिए। मजदूर नीचे काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। चश्मदीद ने बताया कि मलबे के अंदर अभी भी आवाजें आ रही हैं।
पुलिस ने बताया कि इस बिल्डिंग के बेसमेंट में काम चल रहा था। एक महीने पहले बिल्डिंग को लेकर नोटिस भी जारी किया गया था। एक साल पहले भी बिल्डिंग खाली करवाई गई थी। नीचे एक मेडिकल स्टोर भी चल रहा था। मलबे में फंसे लोगों को ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ब्लिंकिट के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाए गए हैं। मौके पर राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, और अधिकारियों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।


















