Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में रविवार दोपहर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के काफिले को काले झंडे दिखाए गए। जैसे ही उनका काफिला बरमाणा पहुंचा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ‘जयराम ठाकुर मुर्दाबाद’, ‘जेपी नड्डा मुर्दाबाद’ और ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए।
जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने बरमाणा क्षेत्र के रोजगार, ट्रक ऑपरेटरों, श्रमिकों और एसीसी प्लांट से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने इन स्थानीय मुद्दों को लेकर भाजपा नेताओं पर अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शन में मौजूद बिलासपुर सदर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और ग्राम पंचायत बरमाणा के पूर्व उपप्रधान नीतीश ठाकुर ने कई गंभीर आरोप लगाए।
नीतीश ठाकुर ने आरोप लगाया कि जब बरमाणा स्थित एसीसी प्लांट बंद हुआ था, तब भाजपा नेताओं ने ट्रांसपोर्टरों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा और संसद में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। प्लांट बंद होने के बाद ट्रांसपोर्टरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्लांट दोबारा शुरू होने के बाद भी ट्रक ऑपरेटरों से जुड़े कई सवाल बने हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने एसीसी प्लांट के दोबारा संचालन के दौरान ट्रांसपोर्टरों के किराए में कमी किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि ट्राले के किराए में 1.18 रुपये और छह चक्के वाले वाहनों के किराए में 1 रुपये की कटौती की गई है। उन्होंने पूछा कि जब परिवहन लागत और दूसरे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, तो ऐसे समय में किराया कम करने का फैसला क्यों लिया गया?
नीतीश ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि बरमाणा ट्रक यूनियन से जुड़े लोगों की कई मांगें पिछले करीब छह महीनों से लंबित हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनियन का वेंडर कोड ब्लॉक होने के कारण ट्रक ऑपरेटरों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि स्थानीय ट्रक ऑपरेटरों को काम मिल सके।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बरमाणा क्षेत्र में स्थित एसीसी प्लांट में स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को काम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं और उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
नीतीश ठाकुर ने सीमेंट उद्योग में अदाणी समूह से जुड़े कार्यों और श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों को पहले मिल रही सुविधाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में स्थानीय श्रमिकों के रोजगार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने स्थानीय लोगों, कारोबारियों और कामगारों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
नीतीश ठाकुर ने कहा कि बरमाणा के लोगों की मांगों को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सरकार और प्रशासन को गंभीरता से लेकर इनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार, ट्रक ऑपरेटरों को काम और श्रमिकों को उचित सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।


















