Himachal Electricity Supply: भीषण बिजली संकट का सामना कर रहे दक्षिण भारतीय राज्य केरलम के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने केरलम को 250 मेगावाट (MW) बिजली की आपूर्ति करने का निर्णय लिया है। इस कदम से केरल में गहराए ऊर्जा संकट और बिजली की भारी कमी को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों के मुताबिक यह महत्वपूर्ण निर्णय अलापुझा से सांसद और कांग्रेस संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद लिया गया है। वेणुगोपाल ने केरलम में जारी गंभीर बिजली संकट और तत्काल बिजली की जरूरतों से मुख्यमंत्री सुक्खू को अवगत कराया था। इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य को आवश्यक बिजली उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने केरलम को आपातकालीन सहायता देने के उद्देश्य से यह आवंटन किया है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश ने तमिलनाडु को दिए जाने वाले अपने मौजूदा बिजली आपूर्ति शेयर में कटौती कर 250 मेगावाट बिजली केरलम को हस्तांतरित करने का फैसला लिया है। तमिलनाडु के कोटे में आंशिक कमी करके यह बिजली आपात स्थिति में केरलम को आवंटित की जा रही है।
बताया जा रहा है कि बिजली के इस अंतर-राज्यीय हस्तांतरण को सुचारू रूप से लागू करने के लिए दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों के बीच बैठक होगी। मुख्य सचिव स्तर की इन वार्ताओं में बिजली आपूर्ति की समय सारणी, रसद प्रबंधन (लॉजिस्टिक्स), तकनीकी व्यवस्थाओं और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि जल्द से जल्द बिजली ग्रिड से हस्तांतरित की जा सके।
उल्लेखनीय है कि केरलम वर्तमान में चरम बिजली मांग और गंभीर कमी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश द्वारा लिया गया यह त्वरित फैसला राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। इस आपातकालीन आवंटन से राज्य के बिजली ग्रिड पर पड़ रहे भारी दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि केरलम मुख्यमंत्री ने वी डी सतीशन ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार बिजली खरीदने के लिए कई राज्यों तथा बिजली कंपनियों से बातचीत कर रही है। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद सतीशन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार जहां से भी संभव हो, बिजली खरीदने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि खपत में वृद्धि, रात के समय अधिक मांग, सौर ऊर्जा के लिए भंडारण सुविधा का अभाव, पर्याप्त बारिश न होना और तापमान वृद्धि के कारण बिजली सकंट उत्पन्न हुआ है।


















