Anand Sharma Statement On BRICS Summit 2026: पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने BRICS Summit 2026 को किसी एक पैमाने पर सफल या असफल बताने के बजाय, मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच संवाद और आम सहमति बनाने के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया।
हिमाचल पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा से हाल ही में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की सफलता को केवल एक शब्द में परिभाषित नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, ऐसे मंचों पर दुनिया से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है और विभिन्न देशों के नेता एक साथ बैठकर अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं।
आनंद शर्मा ने BRICS को ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई प्रमुख देश इस मंच के माध्यम से एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं। उनके अनुसार, अलग-अलग मुद्दों और परिस्थितियों के बीच बातचीत के जरिए साझा सहमति बनाने का प्रयास महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि BRICS सम्मेलन में बिना किसी विवाद के एक घोषणा सामने आई। इस संदर्भ में आनंद शर्मा ने भारत की भूमिका और उसके अंतरराष्ट्रीय महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का अपना एक महत्वपूर्ण कद है और BRICS जैसे मंच पर उसकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।
आनंद शर्मा ने BRICS के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी और मौजूदा सम्मेलन 18वां BRICS शिखर सम्मेलन है। उन्होंने बताया कि वह तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ पहले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। आनंद शर्मा ने कहा कि उन्हें शुरुआती पांच BRICS सम्मेलनों में शामिल होने का अवसर मिला और वर्ष 2013 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित सम्मेलन उनका आखिरी BRICS सम्मेलन था।
उन्होंने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। आनंद शर्मा ने कहा कि आज दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तनाव की स्थिति है और कई स्थानों पर युद्ध चल रहे हैं। ऐसे समय में सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता और विभिन्न देशों के बीच आम सहमति बनाने के प्रयास महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हर मुद्दे पर सर्वसम्मति बनना संभव नहीं होता, लेकिन आम सहमति बनाने का प्रयास अपने आप में महत्वपूर्ण है। आनंद शर्मा के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में विभिन्न देशों के बीच बातचीत और सामूहिक स्तर पर निर्णय लेने की कोशिश की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है।
दादी की समाधि पर अर्पित किए पुष्प
बता दें पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा मंगलवार शाम कसौली पहुंचे थे। बुधवार को अपनी दादी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शिमला के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने कसौली से अपने पुराने जुड़ाव और यहां के लोगों के प्रति अपने स्नेह का भी जिक्र किया।
आनंद शर्मा ने कहा कि जब भी वह कसौली आते हैं तो गढ़खल में रुकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा-दादी यहीं रहते थे और उनके बचपन का काफी समय इसी क्षेत्र में बीता है। उन्होंने कहा कि कसौली और यहां के लोगों से उनका विशेष लगाव है। आज भी यहां मिलने वाला प्यार, स्नेह और सम्मान उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल से भी उनका पुराना संबंध रहा है। उनका जन्म शिमला में हुआ और उनके पूर्वजों तथा बचपन की यादों का जुड़ाव इस क्षेत्र से रहा है। आनंद शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जब भी कुछ करने का अवसर मिला, उन्होंने अपनी ओर से काम किया। उन्होंने भविष्य में भी क्षेत्र के लोगों के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए अपने पुराने जुड़ाव का उल्लेख किया।


















