Himachal High Court: हिमाचल प्रदेश में सूचना का अधिकार (RTI) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य में लंबे समय से मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त के पद खाली पड़े होने के मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इन पदों को शीघ्रता से भरने के स्पष्ट आदेश जारी किए हैं।
न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की एकल पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सूचना आयोग में कमिश्नर और अन्य सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शीर्ष प्राधिकारी न होने की वजह से लोग अपने कानूनी अधिकारों का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और अपील दाखिल करने की प्रक्रिया बाधित हो रही है।
दरअसल, यह मामला याचिकाकर्ता कुलदीप महरोल द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका से संबंधित है। याचिका में अदालत के समक्ष तर्क दिया गया था कि राज्य सूचना आयोग में शीर्ष पदों के रिक्त होने से आम नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। विभिन्न सरकारी विभागों के लोक सूचना अधिकारियों (PIO) द्वारा दिए गए निर्णयों या आदेशों को चुनौती देने के लिए राज्य में कोई अपीलीय निकाय उपलब्ध नहीं है, जिससे सूचना पाने की प्रक्रिया रुक गई है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि इन पदों पर नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। सरकार ने बताया कि 17 अगस्त 2026 को एक उच्च स्तरीय चयन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में राज्य के मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री शामिल हैं।
राज्य सरकार के इस जवाब के बाद न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की अदालत ने उम्मीद जताई कि यह नवगठित चयन समिति जल्द से जल्द अपनी बैठक आयोजित करेगी। अदालत ने निर्देश दिया कि समिति की यह बैठक अधिकतम दो सप्ताह के भीतर बुलाई जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश की जा सके और खाली पड़े पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह 8 अक्टूबर तक जारी किए गए निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त का पद जून 2025 से खाली है, जब पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त आर.डी. धीमान इस पद को छोड़कर रेरा (RERA) के चेयरमैन बने थे। इसके अतिरिक्त, राज्य सूचना आयुक्त का पद 3 जुलाई 2025 से खाली है, जब तत्कालीन सूचना आयुक्त एस.एस. गुलेरिया सेवानिवृत्त हुए थे।


















