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Shimla News: अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारों को लेकर गदर फ्रंट का राष्ट्रपति को ज्ञापन, सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

Himachal SC ST Rights News: गदर फ्रंट ने शिमला में जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों, 25.19% बजट आवंटन, बैकलॉग पदों पर भर्ती और सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग उठाई है।
By PNT
Published on: 24 September 2026
Shimla News: अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारों को लेकर गदर फ्रंट का राष्ट्रपति को ज्ञापन, सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

Shimla News: हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर गदर फ्रंट हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। इसमें जातिगत भेदभाव, उत्पीड़न, आरक्षण, बजट, रोजगार, शिक्षा, भूमि अधिकार और सफाई कर्मचारियों की समस्याओं समेत कई मुद्दे उठाए गए।

गदर फ्रंट के संयोजक रवि कुमार दलित ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों के साथ होने वाले कथित सामाजिक भेदभाव, उत्पीड़न और अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को संविधान में दिए गए सामाजिक न्याय और समानता के प्रावधानों को जमीन पर लागू करना होगा।

ज्ञापन में हिमाचल प्रदेश के कुल वार्षिक बजट का 25.19 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत निर्धारित करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि इस राशि का उपयोग अनुसूचित जाति बस्तियों और गांवों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका सुधार के लिए ही किया जाए और इसके दुरुपयोग या अन्य कार्यों में स्थानांतरण पर कठोर कार्रवाई हो।

गदर फ्रंट ने जातिगत भेदभाव और अत्याचार के मामलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन, विशेष भर्ती अभियान चलाकर रिक्त आरक्षित पदों को भरने और सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की मांग भी की।

सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग

रवि कुमार दलित ने सफाई कर्मचारियों की स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारी व्यवस्था के तहत रखा जा रहा है। संगठन ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर पात्र सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाने की मांग की है।

उन्होंने शिमला नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान उनसे भविष्य में हड़ताल या आंदोलन नहीं करने संबंधी शपथपत्र लिए जाने के मामले को भी उठाया। उनके अनुसार गदर फ्रंट ने यह मामला हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष भी रखा था, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

चौपाल, सैंज और चंबा के मामले भी उठाए

ज्ञापन में चौपाल पुलिस थाने में अनुसूचित जाति के पुलिस कर्मचारी के साथ कथित छुआछूत और जातिगत भेदभाव, कुल्लू के सैंज में अनुसूचित जाति महिला की मृत्यु से जुड़े मामले तथा चंबा में आरक्षण को लेकर सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए कथित आपत्तिजनक नाटक का भी उल्लेख किया गया। गदर फ्रंट ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच, दोष पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके अलावा भूमिहीन अनुसूचित जाति परिवारों को भूमि, अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व छात्रावास, अनुसूचित जाति महिलाओं के लिए आरक्षण के भीतर विशेष आरक्षण, निजी क्षेत्र एवं सरकारी ठेकों में उचित प्रतिनिधित्व और राज्य अनुसूचित जाति आयोग को अधिक अधिकार देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

रवि कुमार दलित ने कहा कि यदि इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो गदर फ्रंट विभिन्न सामाजिक वर्गों को साथ लेकर प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन चलाएगा। इस दौरान जगदीश कश्यप (बामसेफ प्रदेश उपाध्यक्ष), लोक जन वेलफेयर सोसाइटी अध्यक्ष सुशील कुमार, देव कुमार, किशोरी लाल और विकास मट्टू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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