Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बयान से प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। मुकेश अग्निहोत्री ने दावा किया कि उन्हें एक धार्मिक मेला कार्यक्रम में आने से रोकने के लिए कई बार प्रयास किए गए। लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। देवी-देवताओं से जुड़े आयोजनों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।
दरअसल, मंडी जिले के गोहर क्षेत्र के ख्योड़ में आयोजित जिला स्तरीय ख्योड़ नलवाड़ मेले में संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेले और मंदिर पूरी देवभूमि की साझी धरोहर हैं, इसलिए इन पर किसी एक दल का एकाधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें इस धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम में आने से रोकने का बहुत प्रयास किया था।
उन्होंने कहा, “मंदिर और मेले किसी राजनीतिक पार्टी की जागीर नहीं होते। मुझे जब भी देवी-देवताओं और जनता के बीच से बुलावा आएगा, मैं जरूर आऊंगा।” उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक के मेले में न पहुंचने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि वे आते तो अधिक बेहतर संदेश जाता।
हालांकि, इस संबोधन में उन्होंने यह जिक्र नहीं किया कि किसने उन्हें रोकने का प्रयास किया और क्यों किया। यह प्रयास उनकी अपनी पार्टी की तरफ से था या विपक्षी दल की तरफ से। उनके इस बयान से अब राजनीतिक बाजार गर्म हो गया है और अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
उपमुख्यमंत्री ने गोहर में उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने गोहर में नए बस अड्डे के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि भूमि चयन की प्रक्रिया अभी अधूरी है, तो उसे शीघ्र पूरा किया जाए।
इसके साथ ही, स्थानीय निवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए उन्होंने गोहर से एम्स बिलासपुर तथा पीजीआई चंडीगढ़ के लिए नई बस सेवाएं शुरू करने की घोषणा की। इससे पहले नलवाड़ मेला ख्योड़ के समापन दिवस पर पारंपरिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री ने स्वयं भाग लिया। गोहर आगमन पर स्थानीय जनता ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ उनका भव्य स्वागत किया।


















