Kangra Drug Smuggler Property Freeze: नशा तस्करी और अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस जिला नूरपुर ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कांगड़ा जिले के पुलिस थाना इंदौरा के अंतर्गत वर्ष 2017 में दर्ज एनडीपीएस के एक मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ही परिवार के 3 सदस्यों की 1,01,55,718 रुपये मूल्य की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई छन्नी गांव निवासी दलवीरो और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ की गई है, जिसके बाद इलाके के नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस द्वारा फ्रीज की गई संपत्तियों में आरोपी परिवार की दो भव्य कोठियां, घरेलू सामान और एक चार पहिया वाहन शामिल है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी महिला दलवीरो के नाम दर्ज 61,96,561 रुपये मूल्य की कोठी को जब्त किया गया है।
इसके अलावा, उसके बेटे मिथुन उर्फ छप्पर से संबंधित 32,60,950 रुपये मूल्य की कोठी, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान तथा बेटी घरो देवी के नाम पंजीकृत 6,98,207 रुपये मूल्य की कार को कानून के तहत फ्रीज कर दिया गया है। इस बड़ी जब्ती प्रक्रिया को अंजाम देने से पहले नूरपुर पुलिस ने व्यापक स्तर पर दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए।
कार्रवाई के दौरान राजस्व रिकॉर्ड, वाहन पंजीकरण कागजात, आयकर संबंधी रिटर्न और लोक निर्माण विभाग के आधिकारिक मूल्यांकन सहित विभिन्न प्रशासनिक दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। वित्तीय मूल्यांकन और साक्ष्यों की कड़ी से कड़ी जोड़ने के बाद ही पुलिस ने धारा के तहत संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश जारी किया। पुलिस रिकॉर्ड से सामने आए तथ्य आरोपी परिवार के आपराधिक इतिहास को उजागर करते हैं।
बता दें कि वर्ष 2017 के इसी एनडीपीएस मामले में आरोपी महिला दलवीरो को अदालत द्वारा पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। 1 अप्रैल 2025 को अदालत ने दलवीरो को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, दलवीरो के खिलाफ कुल 5 मामले दर्ज हैं, जबकि उसके बेटे मिथुन उर्फ छप्पर के खिलाफ विभिन्न थानों में 14 आपराधिक मामले पंजीकृत हैं।
कार्रवाई के अगले चरण में नूरपुर पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि फ्रीज की गई यह तमाम संपत्तियां वैध आय के स्रोतों से खरीदी गई थीं या इनके निर्माण और खरीद के लिए अवैध नशा तस्करी से कमाए गए काले धन का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि संपत्तियों के वैध स्रोतों का ब्योरा नहीं दिया गया, तो इन्हें पूरी तरह से राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्म चंद वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नूरपुर पुलिस केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा तस्करी से जुड़े पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। इस विशेष अभियान के तहत आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेनदेन, संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड और परिवार या सहयोगियों के नाम पर पंजीकृत कराई गई संपत्तियों की निरंतर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की इस विस्तृत जांच का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी से अर्जित अवैध धन और उससे खड़ी की गई बेनामी संपत्तियों के बीच के सीधे संबंध को उजागर कर कानून के समक्ष पेश करना है।


















