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Solan POCSO Court Verdict: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी रजत कुमार को 10 साल की कड़ी कैद

Solan Crime News: सोलन की फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो अदालत ने 2021 के दुष्कर्म मामले में आरोपी रजत कुमार को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में 19 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।
Updated By Prajasatta
Published on: 1 अक्टूबर 2026
Shimla News, Minor Rape Case Decision: Shimla News: Sirmour News Solan POCSO Court Verdict

Solan POCSO Court Verdict: हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) कनिका चावला की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी रजत कुमार को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।

अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354-डी, 504, 506, 376 और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी ठहराया है। पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना राशि का भुगतान न करने की स्थिति में दोषी को एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इसके अलावा, अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354-डी के तहत दोषी को एक साल के साधारण कारावास और 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें जुर्माना न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास तय किया गया है। वहीं, अदालत ने धारा 504 के तहत छह महीने तथा धारा 506 के तहत दो साल के साधारण कारावास की सजा भी सुनाई है। यह सभी सजाएं एक साथ चलेगी।

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, आरोपी रजत कुमार, जो कि गांव कसवाड़, डाकघर बल्याह, तहसील बड़सर, जिला हमीरपुर का निवासी है, पर 13 अप्रैल 2021 को पीड़िता को उसके कमरे में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने और उस पर शादी का दबाव बनाने का आरोप था। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि आरोपी लगातार पीड़िता का पीछा करता था और उसके घर में प्रवेश कर उसके साथ बार-बार यौन संबंध बनाने का प्रयास करता था।

घटना वर्ष 2021 की होने के बावजूद, पुलिस को इस मामले की लिखित शिकायत 9 मार्च 2024 को प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना कंडाघाट में एफआईआर संख्या 15/2024 दर्ज की गई। इसके बाद कंडाघाट पुलिस ने मामले की गहनता से जांच पूरी की और आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।

न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने दावों को साबित करने के लिए कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की विस्तृत दलीलें तथा साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) सोलन ने 30 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया और सजा का ऐलान किया। इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक सोलन सी.एस. नेगी ने की।

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