Himachal Panchayat Election Grant 2026: हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2026 में संपन्न हुए पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव के दौरान सर्वसम्मति से चुनी गई ग्राम पंचायतों के लिए बड़ा वित्तीय आवंटन किया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक स्वीकृति आदेश के अनुसार प्रदेश भर की 136 निर्विरोध चयनित ग्राम पंचायतों को कुल 34 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मंजूर की गई है।
बता दें कि इस फैसले के तहत प्रत्येक पात्र ग्राम पंचायत को 25 लाख रुपए की दर से अनुदान दिया जाएगा।पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सबसे अधिक निर्विरोध ग्राम पंचायतें शिमला जिले में चुनी गई हैं। शिमला जिले की 42 पंचायतों को इस योजना का सर्वाधिक लाभ मिला है, जिनके लिए कुल 10.50 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
अन्य जिलों के आंकड़े दर्शाते हैं कि सिरमौर जिले की 27 पंचायतों के लिए 6.75 करोड़ रुपए तथा लाहुल-स्पीति की 17 पंचायतों के लिए 4.25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसी क्रम में सोलन जिले की 13 पंचायतों को 3.25 करोड़ रुपए और कांगड़ा जिले की दो पंचायतों को 50 लाख रुपए का बजट मिला है। कुल्लू, मंडी और ऊना जिलों में प्रत्येक से पांच-पांच निर्विरोध पंचायतें चयनित हुई हैं, जिन्हें क्रमश: 1.25-1.25 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त चंबा जिले की एक पंचायत को 25 लाख रुपए और बिलासपुर जिले की एक पंचायत के लिए भी 25 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। जारी आदेश के अनुसार किन्नौर के लिए 18 पंचायतों हेतु 4.50 करोड़ रुपए स्वीकृत दर्शाए गए हैं। सरकार की ओर से यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी संबंधित ग्राम पंचायतों को प्राप्त यह प्रोत्साहन अनुदान पंचायती राज विभाग द्वारा 28 सितंबर को जारी विशेष दिशा-निर्देशों के अनुसार ही विकास कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य होगा।
बता दें कि इस बार हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में निर्विरोध चुनाव को प्रोत्साहित करने के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में बड़ा इजाफा किया था। निर्विरोध चुनी जाने वाली ग्राम पंचायत को 25 लाख रुपये, पंचायत समिति (BDC) को 50 लाख रुपये और जिला परिषद को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा कि थी।
इससे पहले निर्विरोध चुनी जाने वाली ग्राम पंचायत को 10 लाख रुपये, पंचायत समिति को 5 लाख रुपये और जिला परिषद को 15 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। नई व्यवस्था में ग्राम पंचायत के लिए राशि में 15 लाख, BDC के लिए 45 लाख और जिला परिषद के लिए 85 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
सरकार का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में आपसी सहमति से प्रतिनिधियों के चुनाव को बढ़ावा देना और चुनावी प्रतिस्पर्धा पर होने वाले खर्च को कम करना है। उल्लेखनीय है कि निर्विरोध ग्राम पंचायत के लिए मिलने वाली राशि की बात करें तो यह योजना कई वर्षों में लगातार बढ़ी है। वर्ष 1995 में इसकी शुरुआत महज 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि से हुई थी। वर्ष 2000 में इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये और वर्ष 2005 में 10 लाख रुपये किया गया था। अब 2026 में इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
इस साल प्रदेश में 136 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इन पंचायतों के लिए सरकार ने कुल 34 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। प्रति पंचायत 25 लाख रुपये के हिसाब से यह राशि जारी की जा रही है। सरकार की इस पहल से आने वाले पंचायत चुनावों में भी निर्विरोध निर्वाचन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


















