Himachal News Today: कुल्लू के पतलीकूहल में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के स्वागत में आयोजित विशाल जनसभा के दौरान राजनीतिक सरगर्मी साफ नजर आई। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस केवल ईवीएम में ही नहीं, बल्कि बैलेट पेपर वाले चुनावों में भी बुरी तरह पराजित हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अभी से आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तैयारी में जुट जाएं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनावों से बचना चाहती थी और इसके लिए प्राकृतिक आपदा को एक बहाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने डिजास्टर एक्ट का सहारा लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कुचलने का प्रयास किया, जिसका भारतीय जनता पार्टी ने पुरजोर विरोध किया। मामला अदालत तक पहुंचा और अंततः न्यायपालिका के हस्तक्षेप के बाद ही पंचायत चुनाव संपन्न हो सके।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि लोकतंत्र की इस मूल इकाई को बचाने के लिए भाजपा ने कड़ा कानूनी रुख अपनाया और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। कोविड-19 महामारी के दौरान भी तत्कालीन भाजपा सरकार ने समय पर चुनाव करवाए थे, जबकि मौजूदा सरकार ने आपदा की आड़ में चुनाव टालने का कुत्सित प्रयास किया। अंततः सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 31 मई को चुनाव संपन्न हुए।
चुनाव परिणामों ने मुख्यमंत्री के उसी आंतरिक डर को सौ फीसदी सच साबित कर दिया। प्रदेश के सभी 12 जिलों में से 11 जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा ने अपना परचम लहराया। इसके अलावा, नगर निगम चुनावों, धर्मशाला, मंडी, पालमपुर और सोलन में भी भाजपा ने शानदार बढ़त हासिल करते हुए तीन जगह अपने महापौर और उप-महापौर बनाए।
जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अब हार के बाद चुनाव आयोग पर अनर्गल सवाल उठा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे ईवीएम और बैलेट पेपर दोनों मोर्चों पर बुरी तरह पिट चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में चार दशक पीछे चला गया है। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनिया के सबसे बड़े संगठन के मार्गदर्शक जेपी नड्डा के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।



















