IEC University News: हिमाचल प्रदेश स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मेसी की ओर से यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में चौथा राष्ट्रीय सीजीएमपी दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘गुणवत्तापूर्ण निर्माण से सुरक्षित और स्वस्थ दुनिया’ रखी गई थी। आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य भावी फार्मासिस्टों और शोधकर्ताओं को दवाओं के सुरक्षित निर्माण, कड़े गुणवत्ता नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों के पालन के वास्तविक महत्व से अवगत कराना था।
इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में डॉ. मनीष गर्ग ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अशोक पुरी, रजिस्ट्रार डॉ. प्रह्लाद गुप्ता और डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. ज्योति गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन से संपन्न हुआ। अतिथियों ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र में cGMP के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को उद्योग की व्यावहारिक बारीकियों को समझने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा और ज्ञान को परखने के लिए करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज विषय पर आधारित क्विज प्रतियोगिता और पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता का विशेष आयोजन किया गया। क्विज प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने दवा निर्माण की प्रक्रियाओं, गुणवत्ता आश्वासन और वैश्विक व राष्ट्रीय नियामकीय मानकों से संबंधित अपने गहन ज्ञान और समझ का प्रदर्शन किया।
वहीं दूसरी ओर, पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दवा निर्माण इकाइयों में स्वच्छता, उचित दस्तावेजीकरण, कड़े गुणवत्ता नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों ने यह दर्शाया कि किस तरह छोटी-छोटी सावधानियां दवा की गुणवत्ता और मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि फार्मास्युटिकल उद्योग में करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज का सख्त पालन ही सुरक्षित, असरदार और उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं तैयार करने की एकमात्र कुंजी है। दवा निर्माण प्रक्रिया में थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है, इसलिए मानकों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है।
इस राष्ट्रीय cGMP दिवस के सफल आयोजन के माध्यम से आईईसी यूनिवर्सिटी ने अपने विद्यार्थियों को फार्मास्युटिकल उद्योग की वास्तविक और व्यावहारिक आवश्यकताओं के प्रति जागरूक किया। विश्वविद्यालय का यह प्रयास आने वाले समय में उद्योग को कुशल, जागरूक और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्ध पेशेवर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



















