Bahra University Convocation 2026: सोलन में स्थित बाहरा विश्वविद्यालय का वर्ष 2026 का दीक्षांत समारोह शुक्रवार को भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 577 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। यह अवसर विद्यार्थियों की वर्षों की कड़ी मेहनत, लगन और शैक्षणिक उपलब्धियों के प्रतिफल के रूप में सामने आया।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने युवाओं से ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और राष्ट्र के विकास में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल रोजगार मांगने तक सीमित न रहने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को उद्यमिता, नवाचार और अपनी नेतृत्व क्षमता के बल पर दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने चाहिए।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों की इस सफलता में उनके अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि अभिभावकों के त्याग और प्रोत्साहन के साथ-साथ अध्यापकों के मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों के कौशल और व्यक्तित्व को तराशने में अहम भूमिका निभाई है। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों ने इसे अपने शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना।
इस भव्य आयोजन में कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। रायट-बाहरा समूह के अध्यक्ष एवं बाहरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. पी. नैंटा, कुलसचिव एवं कुलाधिपति के सलाहकार विनीत कुमार (आईएफएस सेवानिवृत्त), पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना, सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा, सोलन के पुलिस अधीक्षक, उपनिदेशक जनसंपर्क तथा सोलन के उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) सहित विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक व कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद थे।

शिक्षा, अनुसंधान और उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर बाहरा विश्वविद्यालय
सितंबर 2010 में बाहरा एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसायटी के अंतर्गत स्थापित बाहरा विश्वविद्यालय आज हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। विश्वविद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े 60 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं तथा यहां लगभग 4,000 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें कुशल पेशेवर, जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के सक्षम नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना है। दीक्षांत समारोह में 577 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान किया जाना उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

गुरविंदर सिंह बाहरा बोले—एआई आधारित शिक्षा और रोजगारपरक कोर्स पर जोर
समारोह के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बाहरा विश्वविद्यालय कुलाधिपति सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा ने कहा कि विश्वविद्यालय की शुरुआत 2010 में हुई थी। आज 16 साल पूरे हो गए हैं। पहले दिन से हमारा एक ही फोकस रहा है – ऐसे कोर्स शुरू करना जिनसे छात्र पढ़कर अच्छी जॉब ले सकें, अच्छी प्लेसमेंट पा सकें और चाहें तो अपना खुद का काम भी शुरू कर सकें। आज के समय में प्रोफेशनल एजुकेशन का असली मकसद यही है कि छात्र उद्यमी बने। छोटी फैक्ट्री हो, इंडस्ट्री हो या कोई छोटा काम – खुद शुरू करने की क्षमता उनमें आए। आज नौकरियों की कोई कमी नहीं है। अगर छात्र सच में इच्छुक है, तो हर सेक्टर में अवसर उपलब्ध हैं।
भारत विकासशील देश है, इसलिए हर क्षेत्र में काम की भरमार है। बस जरूरत है सही दिलचस्पी की। एक सवाल के जवाब ने उन्होंने कहा कि आज एआई का चैलेंज भी सामने है। लेकिन हमारी यूनिवर्सिटी ने पिछले चार-पांच साल से ही सारे कोर्स एआई से जोड़ दिए हैं। लॉ कॉलेज हो या फार्मेसी – सबको एआई शिक्षा के दायरे में लाया गया है। नई टेक्नोलॉजी आते ही विश्वविद्यालय को चार-पांच साल पहले ही तैयार हो जाना चाहिए, ताकि इंडस्ट्री की मांग पूरी हो सके। डिग्री लेने के बाद सबसे बड़ा चैलेंज पर बात करते हुए उन्होंन कहा कि सिर्फ नौकरियां मौजूद हैं, लेकिन छात्र को उतना गंभीर और इच्छुक होना चाहिए जितना उद्योग को जरूरत होती है। 26 साल के अनुभव से मैं कह सकता हूँ – अगर छात्र सही मायने में तैयार है, तो रास्ते खुद खुल जाते हैं।


















